21 देशों के 51 कलाकारों का समागम एक मंच पर लेकसिटी में देखने को मिल रहा है। सोमवार से शुरू हुई द आर्ट पिवोट की वर्ल्ड माइग्रेशन प्रोग्राम के अंतर्गत फेस टू फेस इंडिया 2018 के पहले दिन से ही कलाकार शहर के वातावरण में गुल-मिल गए है। बड़ी स्थित हिल गार्डन रिट्रीट में इन कलाकारों ने दिनभर कई कलाकृतियां तैयार की।
दी आर्ट पिवोट के राजेश यादव ने बताया कि अपने देश से अलग शहर के बीच गांव जैसा आभास इन कलाकारों को काफी सुकून दे रहा है। प्रकृति हो या पर्यावरण या फिर पोट्रेट इन सभी में दक्ष कलाकार ने अपनी जिज्ञासा अनुसार काम शुरू कर दिया है। सुशील निंबार्क ने बताया कि कैनवास पर चित्रकारों ने अपनी संघर्ष की कहानी भी बयां की है। सुबह 11 बजे से घंटों मेहनत से तैयार इनकी कलाकृतियां एक दूसरों को पसंद भी आ रही हैं। जापान, कोरिया, भारत, वियतनाम और नेपाल के चित्रकारों ने बनाई जा रही कृतियों के बारे में अपने विचार साझा किए। कार्यशाला काे देखने के लिए सुबह 11 बजे से 6 बजे तक शहर के लोग भी आ सकते हैं। इस दौरान द आर्ट पिवोट के मुकेश सालवी, राकेश भट्ट, श्रुति डेविड, विजेंद्र देवड़ा ने भी इन चित्रकारों के काम में सहयोग किया।
ब्रश चलाते वियतनाम के फाम टोंग
दिल्ली के अशोक ने दिखाई एक्सट्रेकर तकनीक
दिल्ली से आए चित्रकार अशोक कुमार ने एक्सट्रेकर तकनीक में अपना काम कैनवास पर शुरू किया। इनका मानना है कि क्या में विषय के बंधन से मुक्त होकर ही अंतर्मन से सृजन करता हूं। रंगों को कैनवास पर स्वाभाविकता के साथ एक शीट पर दर्शाने का काम किया गया। साथ ही उभरते हुए चित्र को बनाना इन्होंने पहली प्राथमिकता समझा।
जापान के किमोरी ने कैनवस पर दर्शाए मानवीय व्यक्तित्व के भीतरी गुण
जापान से वर्कशॉप में भाग लेने आए किमोरी किचोरी ने कैनवास पर गोल्डन कलर की प्लेन बैकग्राउंड वाले कलर के जरिए गतिशील मानवीय आकृतियां तैयार करते हुए कुछ गहरी रेखाओं से स्वभाव जनित मानवीय व्यक्तित्व के भीतरी गुणों को अभिव्यक्त किया।
कोरिया के डांग ने बताई पर्यावरण व्यथा
कोरिया से आए डांग ने प्राकृतिक नजारे को गहरे और धुसर रंगों के जरिए पर्यावरण व्यथा को दिखाने का प्रयास किया है। समय के साथ कैनवास पर तैयार इनके चित्र बदलावों से गुजरते हुए नए रूप में अा रहे है। साथ ही प्रकृति के सौंदर्य से भी ये रूबरू करवा रहे हैं।
जापान के किमोरी ने बताया मानव व्यक्तित्व
कोरिया के डांग ने उकेरे कुदरत के रंग
सब्जेक्ट फ्री चला दिल्ली के अशोक का ब्रश
नेपाल के श्याम ने मछली के विचरण से बताई देश की दशा : नेपाल के चित्रकार श्याम सुंदर यादव ने बताया कि एक मछली समुंद्र के तट पर विचरण करती है उसी प्रकार से नेपाल के लोग नेपाल से भारत के बीच राष्ट्रीयता की भावना से लबरेज होकर विचरण करते रहे है।
मछली के जरिए कहे जज्बात
सामाजिक ताने-बाने से बताया संघर्ष : फाम टोंग ने सामाजिक ताने बाने में संघर्ष को अहम हिस्सा बताया। युद्ध की विभीषिका झेल चुका वियतनाम इसी का परिणाम रहा। जिसे लेकर हाफ होप नाम से पेंटिंग सीरीज बनाई।