उदयपुर | अपर सेशन न्यायालय क्रम 4 के न्यायाधीश विक्रम चौधरी ने चेक अनादरण के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट भींडर के आदेश को यथावत रखते हुए वर्धमान ज्वैलर्स के प्रोपराइटर पदम कुमार जैन को एक वर्ष के कारावास के साथ चार लाख रुपए के जुर्माने और दूसरे मामले में कारावास में संशोधन के साथ छह माह और दो लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। पहले प्रकरण के अनुसार जैन ने व्यावसायिक कार्य के चलते परिचित बांसड़ा (खेरोदा) निवासी नारायण लाल से दो लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले चेक दिए थे। नियत तारीख पर लगाने पर चेक बैंक में अनादरित हो गए। नारायण लाल ने 28 अप्रैल 2012 को न्यायिक मजिस्ट्रेट, भींडर में परिवाद दायर किया था। पिछले साल 28 फरवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जैन को एक वर्ष के कारावास और चार लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। आदेश के खिलाफ जैन ने अपर सेशन न्यायालय क्रम 4 में अपील की थी। सोमवार को न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को यथावत रखा। दूसरे प्रकरण में जैन ने परिचित पवन कुमार से एक लाख रुपए उधार लिए थे और इसके बदले चेक दिया था। यह चेक भी अनादरित हो गया। पवन ने 6 फरवरी 2013 को न्यायिक मजिस्ट्रेट, भींडर में परिवाद पेश किया था, जिस पर जैन को एक वर्ष कारावास और दो लाख रुपए जुर्माना सुनाया गया। इसके खिलाफ भी जैन ने अपर सेशन न्यायालय क्रम 4 अपील की थी, जहां न्यायाधीश ने एक वर्ष की सजा संशोधित कर छह माह की और दो लाख रुपए जुर्माने का फैसला सुनाया।