आठवीं तक मातृभाषा गुजराती में पढ़ा किशोर सदा ही प्रतिभाशाली माना गया, लेकिन जैसे ही दसवीं में हिन्दी मीडियम से पढ़ने लगा तो रिजल्ट खराब होने की चिंता सताने लगी। इसी डर ने उसे अपने ही अपहरण की कहानी गढ़ने पर मजबूर कर दिया। यह कहानी है 16 साल के उस किशोर की, जिसके अपहरण की चर्चाएं दो दिन से शहर में हैं। गोवर्धन विलास थाना पुलिस और सेक्टर 14 निवासी उसके परिजनों ने सोमवार को उस समय राहत की सांस ली, जब वह दिल्ली से लौट आया और बोला- सॉरी मम्मी-पापा, मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ कर दो। चर्चा थी कि किशोर को छोड़ने के लिए अपहर्ता 50 लाख की फिरौती मांग रहे हैं। असल में वही अपहर्ता के रूप में पिता को कॉल कर रहा था। यह सब उसने स्मार्ट फोन पर ऐप डाउनलोड करके किया। मुंह पर कपड़ा लगाकर आवाज बदली। घर लौटते ही मां के सामने फूट-फूट कर रोते हुए इस हरकत के लिए माफी मांगी। पुलिस भी उसे साजिश रचने और गुमराह करने के आरोप में अपचारी के रूप में अभियुक्त बना सकती थी, लेकिन उसकी काउंसलिंग करने का फैसला लिया।
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दिल्ली से लौट रहा था, पुलिस को नसीराबाद में मिला
किशोर को पुलिस ने सोमवार को नसीराबाद रेलवे स्टेशन से पकड़ा। पूछताछ की तो पता चला कि उसी ने ही अपहरण की कहानी गढ़ी और 50 लाख रुपए की फिरौती पिता से मांगी।
ऐसे तनाव में आया बच्चा
पिता ने बताया, वे उत्तरप्रदेश के हैं। 1995 से अहमदाबाद में थे। बच्चे ने पहली कक्षा से ही गुजराती में पढ़ाई की। दो साल पहले उदयपुर आए तो उसे 9वीं में बलीचा के स्कूल में भर्ती कराया, जहां 64 प्रतिशत नंबर आए। हालांकि यह गुजराती मीडियम के नंबरों से कम थे। अब उसकी दसवीं थी। उसने तैयारी की, लेकिन हिन्दी में वह उतना आश्वस्त नहीं था।
और ऐसे रचा अपहरण का नाटक
किशोर को रिजल्ट खराब रहने पर पिता की फटकार का डर था। उसने सागवाड़ा के अपने एक दोस्त से दिल्ली चलने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। फिर उसने यू ट्यूब पर हाउ टू किडनेप अ चाइल्ड लिखकर सर्च किया और कई वीडियो देखे। एक मोबाइल एप डाउनलोड कर घर से निकला। ट्रेन में जाने के बाद पिता को इसी ऐप से इंटरनेट कॉलिंग की और कहा कि दूध तलाई से निकलते समय कुछ युवकों ने उसे कार में पकड़कर बिठा लिया और अब एक अनजान जगह ले आए हैं।
और पुलिस ने गठित कर दी स्पेशल टीम
पुलिस ने स्पेशल टीम गठित कर दी। टीम रेलवे स्टेशन पहुंची और एक व्यक्ति को थाने लाकर पूछताछ भी शुरू कर दी। शक्ल नहीं मिलने पर पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया।
चेतक से दिल्ली पहुंचा और डरकर उसी से लौट भी आया
चेतक एक्सप्रेस से दिल्ली के सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद किशोर डर गया। स्टेशन से बाहर तक नहीं निकला। वह ट्रेन में ही बैठा रहा और ट्रेन वापस उदयपुर चल पड़ी। उदयपुर से गया तो उसने टिकट नहीं खरीदा और लौटा तो टिकट लिया। उसके पास 300 रुपए थे।
यह सब किया खौफ में
किशोर ने फिरौती की रकम मांगने की कॉल के बाद रेलवे स्टेशन पर बैठे किसी अनजान व्यक्ति का फोटो खींच लिया और इसे पिता के मोबाइल नंबर पर भेज दिया। मैसेज में लिखा, पापा इसे पकड़ो। इसी ने मेरा अपहरण कर लिया है।
पिता से कहा : पारस तिराहे के पास मिलेगा आपका बेटा
दिल्ली से निकलने के बाद उसने अपहरणकर्ता बन फोन किया। कहा कि बेटा सोमवार सुबह पारस तिराहे पर मिल जाएगा, लेकिन पुलिस टीम ने नसीराबाद में ही पकड़ लिया। एएसपी मुख्यालय बृजेश सोनी ने बताया कि किशोर की काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।