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17 घंटे भी अध्यक्ष नहीं रह सके डॉ. जाट, क्योंकि प्रिंसिपल 18 को ही लिंगदोह नियमों से चुनाव के दे चुके थे आदेश

3 वर्ष पहले
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रेजीडेंट डॉक्टर्स एसेसिएशन के दो फाड़ होने पर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. डी.पी. सिंह ने लिंगदोह के नियमों से ही एसोसिएशन के चुनाव कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। ऐसे में रविवार को ही जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थर्ड ईयर रेजीडेंट डॉ. बाबूलाल जाट 17 घंटे भी पद पर नहीं रह सके। अब एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व पूर्व कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. राजवीर सिंह और महासचिव डॉ. दीपाराम पटेल ही लिंगदोह से चुनाव होने तक यानी अगस्त तक करेंगे। दरअसल, प्रिंसिपल डॉ. सिंह के गत 18 मई को जारी आदेश की कॉपी डॉक्टर्स के सोशल मीडिया ग्रुप पर सुबह 9.30 बजे ही वायरल हो गई थी। बताया जाता है कि प्रिंसिपल ने आदेश इसलिए जारी किए, क्योंकि एक गुट जीबीएम करवाना चाहता था, जबकि दूसरा लिंगदोह नियमों से ही चुनाव की मांग कर रहा था। दोनों ने लिखित में अपनी मांगें सामने रखी थीं। प्रिंसिपल पहले ही दो टूक कह चुके थे कि अगर एसोसिएशन में विवाद हुआ तो चुनाव लिंगदोह से ही होंगे। ऐसे में जीबीएम भी विवादों में घिर गई। अब प्रतिलिपि चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा ग्रुप-1, अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय आदि को भी भेज दी गई है ताकि रेजिडेंटों में सौहार्द का वातावरण कायम रह सके।

लिंगदोह नियमों के अनुसार डॉ. जाट और डॉ. मुद‌्गल चुनाव मैदान से होंगे आउट, क्योंकि 30 से ज्यादा है उम्र

उदयपुर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के लिए जीबीएम रविवार शाम 4.30 बजे सीनियर बॉयज हॉस्टल में हुई थी। महासचिव डॉ. दीपाराम पटेल ने बताया कि जीबीएम में सर्वसम्मति से करीब 36 वर्षीय थर्ड ईयर रेजीडेंट डॉ. बाबूलाल जाट को आठ माह के लिए अध्यक्ष मनोनीत किया गया। विरोध में 31 वर्षीय सेकंड ईयर रेजीडेंट डॉ. सी.पी. मुद्‌गल ने कहा कि कुछ लोगों ने एसोसिएशन को हथियाने के लिए उनकी अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी को सेकंड ईयर का रेजीडेंट बता जबरन खारिज कर दिया। जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है कि सेकंड ईयर रेजीडेंट चुनाव नहीं लड़ सकते हों। डॉ. मुदगल ने सोमवार को भी प्रिंसिपल डॉ. सिंह को ज्ञापन देकर लिंगदोह के नियमों से ही चुनाव कराने की मांग की। असल में लिंगदोह नियमों के मुताबिक 30 वर्ष से ज्यादा की उम्र का प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकता है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशी चुनावी मैदान से आउट हो गए हैं।

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