उदयपुर | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से केन्द्रीय कारागृह में बंदी महिलाओं और उनके बच्चों के लिए विधिक सेवाओं का दस दिवसीय विशेष अभियान गुरुवार से शुरू हुआ।
प्राधिकरण अध्यक्ष प्रभा शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजपाल सिंह और प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव रिद्धिमा शर्मा ने कारागृह का निरीक्षण किया। पुरुष व महिला बंदियों को कार्यशाला में समस्याओं के निवारण के सुझाव दिए। कार्यशाला के पहले दिन महिलाओं को शिक्षा का महत्व, शिक्षा में आ रही समस्याओं के निवारण बताए। बाल चिकित्सक ने बच्चों के आहार, स्वच्छता, टीकाकरण की जानकारी दी। कार्यशाला के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। महिला बंदी और उनके साथ रह रहे उनके बच्चों के लिए विधिक सेवाएं पहुंचाने एक टीम गठित टीम में मनोचिकित्सक, महिला चिकित्सक, बाल चिकित्सक, महिला एवं बाल विकास अधिकारिता विभाग, कारागृह विभाग, शिक्षा विभाग, स्वयं सेवी संस्था सेवा मन्दिर के चयनित प्रतिनिधि, पैनल अधिवक्ता एवं पैरालीगल वॉलंटियर्स और डीआईजी जेल प्रीता भार्गव कार्यशाला में उपस्थित रही।