सराड़ी (उदयपुर). धोरों की धरती मारवाड़ में पानी की कमी के चलते रेबारी अपने पशु मेवाड़ व अन्य प्रदेशों में ले जाते हैं। जयसमंद की तलहटी में इन दिनों ऊंटों का समूह विचरण कर रहा है। रेबारी समुदाय को भी यह क्षेत्र काफी रास आ रहा है। जहां पशु के लिए पानी और भोजन की कमी नहीं है। रेगिस्तान के जहाज ऊंट एक बार में 100 से 150 लीटर तक पानी संग्रहित कर लेता है जो 2 सप्ताह तक चलता है। ऊंट की तीन पलकें होती है, जो बारिक रेत तथा तेज हवा से रक्षा करती है। तलहटी पर पानी पीते राजस्थान के जहाज। फोटो : गमुनाथ जोगी