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शिविर में रुकीं महिला शिक्षिकाओं के कमरों में कैमरे, विरोध के बाद रिकॉर्डिंग डिलीट की

3 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा जिले के राजकीय मॉडल विद्यालय सुवाणा में उदयपुर के शिक्षकों के लिए लगाए जा रहे आवासीय शिविर में महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। महिला शिक्षिकाओं को अलग से जिन दो कमरों में ठहराया गया है उनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। महिलाओं ने इसका विरोध किया तो शिविर प्रभारी बोले, कैमरे चालू नहीं, बंद हैं। जबकि महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि सीसीटीवी में रात के समय लाइट जल रही थी। शिविर प्रभारी अशोक कुमार क्षोत्रिय से जब सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग उठाई तो उन्होंने फुटेज बताने से पहले ही 16 और 17 मई की रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। फिर कमरों में लगे सीसीटीवी कैमरों को कागज की तख्तियों से ढंक दिया। मामले को लेकर शुक्रवार को शिविर स्थल पर दिनभर हंगामा हुआ। महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शासन सचिव और महिला आयोग को की शिकायत

राजस्थान शिक्षक एंव पंचायतीराज कर्मचारी संघ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार, रमसा आयुक्त शिवांगी स्वर्णकार तथा महिला आयोग को ज्ञापन भेजकर मामले की शिकायत की है। चौहान ने लिखा है कि कैमरे चालू स्थिति में थे, जिससे महिला शिक्षिकाओं को निजता भंग हुई है। रात में प्रशिक्षणार्थियों के अलावा कोई व्यवस्थापक नहीं ठहरता। चौहान ने मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

वॉश बेसिन से मग भरकर नहाना पड़ रहा

शिविर स्थल पर नहाने तक व्यवस्था नहीं है। वाश बेसिन में से मग भरकर हमें नहाना पड़ रहा है। पीने का पानी भीे सुबह 11 बजे तक आया। खाने की गुणवत्ता भी बहुत बेकार है। सरकार ने यहां ना तो सुरक्षा का ध्यान रखा और ना ही रहने के पुख्ता इंतजाम किए हैं। -वीना शर्मा, शिक्षिका

कैमरे पहले से बंद और ढंके क्यों नहीं

शिविर स्थल पर जिनकी ड्यूटी लगाई गई, उन्होंने कैमरे पहले से ही बंद या फिर ढंकने का काम क्यों नहीं कियाω उन लोगों की क्या मंशा थीω शिविर स्थल पर तीन किमी दूर कच्चा रास्ता पार कर पहुंचना पड़ता है। कोई बीमार हो जाए तो इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे शिविर गृह जिले में होने चाहिए, लेकिन इतनी दूर भेजा गया। -सपना व्यास, शिक्षिका

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