अधिकमास की तीज (ठकुरानी तीज) पर शुक्रवार से जगदीश मंदिर, अस्थल मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर, बाईजीराज कुंड सहित तमाम मंदिरों में विशेष मनोरथ हुए। भगवान की तरह-तरह की झांकियां सजीं। खास बात यह है कि बाईजीराज कुंड पर रास लीला का आगाज हुआ, जो शनिवार भी मंदिर में होगी। इसके बाद माहेश्वरी समाज के नोहरे में वृंदावन के 20 कलाकारों का दल प्रस्तुति देगा। जगदीश मंदिर में भगवान भगवान हिंडोलना में विराजे। शाम 7 से रात 10.30 बजे तक दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही। श्रीनाथजी के हवेली मंदिर में ठाकुरजी गुलाब के पालना में झूले। श्रद्धालुओं ने राजभोग में गुलाबी घटा के दर्शन किए। शनिवार को फूल-पत्तियों का पालना सजेगा। मंदिर अधिकारी कैलाश पुरोहित ने बताया कि राजभोग में कमल मंडली के दर्शन होंगे। जगदीश और अस्थल मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा, भजन-कीर्तनों में भी भक्त लीन रहे।
भागवत कथा में प्रसंग की विवेचना
विवेक नगर के शिव मंदिर और जगत शिरोमणि मंदिर सिटी पैलेस रोड में पं. स्कन्द कुमार पंड्या ने भागवत कथा के सृष्टि निर्माण प्रसंग की विवेचना करते हुए भक्तो से कहा कि यह संसार एक रंगमंच है और हम सब मनुष्य इसकी कठपुतलियां जैसे नाटक के कलाकार कथानक के अनुसार अभिनय करते हैं वैसे ही हम इस वृहद सृष्टि रूपी नाटक में अपनी भूमिका अदा करते हैं। प्रवक्ता अभिषेक जोशी ने बताया कि संगीतमयी भजनों की प्रस्तुतियों में खास तौर से भजन मंडली के कलाकार अपने वाद्य यंत्रों की ध्वनि से भजनों की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं।
जगदीश मंदिर में सजा हिंडोलना
श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण लीलाओं का वर्णन : अस्थल मंदिर में पुरुषोत्तम मास के तीसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ में कथा वाचक पं. गोपालकृष्ण व्यास ने नदी, पर्वत, वृक्षावली आदि का आह्वान करते हुए कहा कि भागवत कथा कहानी नहीं यह तो रसामृत है। महिला भक्त मंडल की मंजू नवनीत अग्रवाल, लक्ष्मी किशनलाल चौहान ने श्रीकृष्ण लीला गुणगान परक भजन प्रस्तुत किए। इधर, अग्रसेन नगर समिति की गत दिवस अग्रसेन भवन में संगीतमय श्रीमदभागवत महापुराण कथा शुरू हुई थी। कथा का वाचन रामस्नेही संत रमनराम महाराज कर रहे है। साथ ही मोड़ चतुर्वेदी ब्राह्मण समाज समिति की 15 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा गत दिवस से मोढेश्वरी आश्रम में शुरू हुई। कथा का वाचन संत बसंती देवी कर रहे है। यह जानकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर मोड़ ने दी।
उदयपुर रासलीला करते वृंदावन के कलाकार