उदयपुर | राज्य में खान विभाग से 1243 पट्टेधारियों ने अपनी खदानों में भारी मशीनों के उपयोग की अनुमति प्राप्त कर रखी है, लेकिन इनमें से मात्र 67 खदान ही ऐसी हैं जिन्होंने अपने 3186 ऑपरेटरों की वोकेशनल ट्रेनिंग कराई हो और उनके पास प्रमाण पत्र हों। उदयपुर में भारी मशीनों के उपयोग की अनुमति लेने वाली 32 खादानों में से सिर्फ 16 के ऑपरेटरों ने ही ट्रेनिंग ले रखी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य में खदानों में भारी वाहनों के उपयोग की सबसे ज्यादा अनुमति जयपुर में 344 पट्टाधारकों के पास है, लेकिन वोकेशनल ट्रेनिंग एक भी ऑपरेटर के पास नहीं हैं। ऐसे में जयपुर की खदानों में भारी वाहनों का उपयोग न सिर्फ नियम विरुद्ध हो रहा है, बल्कि इससे वहां कार्यरत मजदूरों की जिंदगी भी खतरे में रहती है।
यह है प्रावधान
खदानों में भारी मशीनों से खनन कार्य करने से पूर्व धात्विक खान विनियम, 1961 के विनियम 106(2)(बी) के तहत भारत सरकार के खान सुरक्षा महानिदेशालय से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। इसके बाद ही भारी मशीनों से खनन कार्य शुरू किया जा सकता है।
किस जिले में क्या है स्थिति, उदयपुर में सबसे ज्यादा ट्रेनिंग
जिला भारी मशीनों की खान जिनके ऑपरेटर ऑपरेटर
अनुमति पट्टाधारक की ट्रेनिंग हुई
राजस्थान 1243 67 3186
जयपुर 344 0 0
झूंझुनू 210 0 0
सीकर 152 0 0
भरतपुर 122 0 0
अलवर 58 0 0
पाली 39 3 353
अजमेर 38 2 171
उदयपुर 32 16 116
कोटा 30 2 141