अधिकमास में भगवान विष्णु के मंदिरों में हर रोज अलग-अलग मनोरथों के आयोजन हो रहे हैं। रविवार को शहर स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी पर भव्य नाव मनोरथ हुआ। नाव मनोरथ डोल तिबारी में मनाया गया। इसके लिए डोल तिबारी में पानी भरकर यमुनाजी का आव्हान कर ठाकुरजी को नाव में विहार कराया गया। ठाकुरजी मदनमोहन ने गोपियों संग पारंपरिक नाव से विहार किया। पानी के अंदर लकड़ी के बने गोपिकाओं के स्वरूप को बिराजमान किया गया। मंदिर अधिकारी, मुखियाजी ने सजीधजी नाव में ठाकुरजी को जलविहार कराया। ठाकुरजी ने करीब दो घंटे तक गोपिकाओं के साथ यमुनाजी में अठखेलियां की। मनोरथ के दर्शन करने सैकड़ों वैष्णव पहुंचे। वहीं बाईजीराज कुंड पर आए वृंदावन के कलाकारों ने रासलीला की जीवंत प्रस्तुति दी। कृष्ण जन्म की झांकियों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की।
उदयपुर. श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन करने के लिए उमड़े श्रद्धालु।
जगदीश मंदिर में जग के नाथ ने खेली फूलों की होली
जगदीश मंदिर में ठाकुरजी जगन्नाथरायजी को पुजारी पं. हुकमराज ने फूलों की होली खेलाई। शाम को ठाकुरजी झूले में बिराजमान हुए। पुजारी ने उनकी नित्य सेवा करते हुए गुलाब के फूलों से होली खेलाई। इस दौरान मंदिर में काफी संख्या में भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चला। वहीं श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी कैलाश पुरोहित ने बताया कि गर्मी के मौसम में ठाकुरजी को जलविहार का मनोरथ कराया गया। इससे भगवान को शीतला प्रदान की गई। मनोरथ के लिए ढोल तिवारी को सीमेंट से आधा बंद किया गया। फूलों की मालाओं से सजाया गया।
ठाकुरजी को फल और फूलों के झूले में झुलाया
मुरली मनोहर मंदिर, नलवाया चौक में रविवार को ठाकुरजी को फल और फूलों के झूले में झुलाया गया। मौके पर ठाकुरजी को विशेष शृंगार भी धराया गया। अध्यक्ष गोपाल दास कुमावत ने बताया कि भजन कीर्तन हुए।