ये शहर का प्रतापनगर पुलिस थाना है। यहां का सिपाही हो या कोई अन्य कर्मचारी, हेलमेट पहने बगैर थाने में नहीं आता। अगर कोई बगैर हेलमेट का आ गया तो थानाधिकारी उसका चालान काट देते हैं। इतना ही नहीं, शिकायत लेकर आने वाले लोगों से भी थानाधिकारी जरूर पूछते हैं कि आप हेलमेट पहनकर आए हैं या नहींω 8 माह पहले गोगुंदा से प्रतापनगर थाने में आए थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित की सोच और नियम के कारण अब यहां के सभी जवानों के साथ यहां शिकायत लेकर आने वाले लोग भी हेलमेट पहनकर ही आते हैं। जवान सिर्फ थाने में ही नहीं, ड्यूटी के बाद भी बिना हेलमेट के नहीं निकलते हैं। कोई भी जवान बिना हेलमेट का आता है तो 500 रुपए चालान काटा जाता है।
किसी जवान के सामने बिजली-पानी व्यर्थ खर्च हो रहा तो भी चालान, फरियादी भी हेलमेट पहनकर ही आते हैं यहां
बिजली-पानी की फिजूल खर्ची भी रोकी, दो माह में 10 हजार बचाए और सुविधाएं बढ़ाईं
थानाधिकारी ने थाने में बिजली-पानी बचाने के लिए भी पहल की है। किसी जवान के रहते बिजली या पानी की फिजूल खर्ची हो रही है तो उसका चालान कटता है। इस पहल का भी असर पड़ रहा है। वे बताते हैं कि पहले पिछले दो माह में पानी-बिजली का खर्च 10 हजार तक बचा है। खास बात यह है कि चालान की यह राशि पुलिस विभाग में नहीं जाती है। थाने के ही विकास कार्य में लगाए जाते हैं। इस फंड की राशि से कई भौतिक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
पांच साल पहले हादसे में दोस्त की जिंदगी जाते-जाते बची, फिर ये पहल
प्रतापनगर थानाधिकारी डॉ. हनवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि इससे पहले गोगुंदा थाने में 2013 में दोस्त और कांस्टेबल भगवान सिंह ड्यूटी से जा रहे थे तभी दुर्घटना हो गई। कांस्टेबल का सिर फट गया। सात दिन हॉस्पिटल में बेहोश रहे। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। डॉक्टरों ने भी कह दिया था कि बचाना मुश्किल है। लेकिन ऊपर वाले की कृपा से उन्हें बचा लिया गया। उसकी हालत अब भी पहले जैसी नहीं है। हादसे के दौरान उसके घरवालों की स्थिति देख मेरा कलेजा भी कांप गया था।
16 जवानों सहित थानाधिकारी के भी कटे चालान
हेलमेट नहीं पहनने से थाने में अब तक 16 जवानों के चालान काटे जा चुके हैं। बिजली-पानी व्यर्थ खर्च करने पर भी 15 से अधिक के चालान काटे। थाने में 30 से अधिक जवान तैनात हैं। अगर ऐसी गलती थानाधिकारी भी करते पाए जाते हैं तो वे खुद भी जुर्माना भरते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली की फिजूलखर्ची पर वे खुद दो बार जुर्माना भर चुके हैं।
थाने की पहल से लोगों में भी पॉजिटिव मैसेज
खास बात यह है कि प्रतापनगर थाने की इस पहल का असर आस-पास के लोगों में भी देखने को मिल रहा है। पहले बिना हेलमेट के ही बाइक से निकलने वाले कई लोग अब टोके बगैर भी हेलमेट लगा कर चलते हैं। थाने के पास रहने वाले मांगीलाल ने बताया कि असर तो हुआ है। इस इलाके में अधिकतर लोग अब हेलमेट पहनकर ही चलते हैं। कई बार लोग ही पुलिस पर सवाल उठा देते हैं कि पहले आप हेलमेट पहनिए, फिर दूसरों को सलाह दीजिए, ऐसे में इस पहल से लोगों के साथ अन्य पुलिस थानों को भी प्रेरणा लेने की जरूरत है। शिकायत लेकर आने वाले लोग भी यहां के जवानों की कार्यशैली की प्रशंसा करते हैं।
हेलमेट नहीं पहनने से दुर्घटना में इतनी मौतें...
2015 में 997 दुर्घटनाओं में 383 मौतें
2016 में 1116 दुर्घटनाओं में 472 मौतें
2017 में 1182 दुर्घटनाओं में 451 मौतें