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जावरा में हुलिया बदलकर दरगाह में पनाह लिए था सुनील, गिरफ्तार

3 वर्ष पहले
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उदयपुर | अंबामाता थाना पुलिस ने पिछले महीने हुए गजेंद्र छापरवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुनील लोट को जावरा (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद वह बायपास से ट्रक में बैठ जावरा जा पहुंचा था, जहां एक दरगाह में पनाह ले रखी थी और हुलिया बदलकर रह रहा था। पुलिस ने बताया कि सुनील ने वारदात के बाद अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया था। दरगाह में जाने के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया। वहां के लोगों को भी नाम-पते गलत बताए। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली तो थानाधिकारी चैनाराम टीम लेकर मौके पर पहुंचे और सुनील को गिरफ्तार कर उदयपुर लेकर आए। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से पीसी रिमांड की अनुमति मांगी जाएगी। गौरतलब है कि 21 जुलाई को रामपुरा चौराहे के पास वाटिका के सामने गोली मारकर गजेंद्र छापरवाल की हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी सुनील लोट फरार हो गया था, जिसके भाई की हत्या के मामले में गजेंद्र और उसका पिता जेल में था।

अारोपी

हत्याकांड में पहले यह हो चुके हैं गिरफ्तार

मर्डर केस में गांधीनगर हाल भीलू राणा कच्ची बस्ती निवासी कृष्णा पुत्र घनश्याम बारेसा, गरीब नवाज कॉॅलोनी मल्लातलाई निवासी अरबाज खान पुत्र अनवर खान, भोपा मगरी में आजाद नगर निवासी प्रवीण उर्फ प्रिंस पुत्र जसपाल सिंह नंदा को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी जेल में हैं। इनसे वारदात में काम ली दो पिस्टल और 4 कारतूस बरामद किए गए थे।

भाई की हत्या के बना लिया था गजेंद्र की हत्या का मानस : पुलिस ने बताया कि सुनील वारदात से पहले भी जावरा की हुसैन टेकरी दरगाह अकसर जाता रहा है। उसने भाई विक्रम की हत्या के बाद ही गजेंद्र छापरवाल की हत्या का मानस बना लिया था और बदला लेने के लिए मौके की तलाश में था, लेकिन गजेंद्र जेल में था। मई में गजेंद्र को जमानत मिली। करीब तीन ढाई महीने सुनील ने हमले की तैयारी की। भाड़े के शूटरों को पिस्टल उपलब्ध कराए, जिन्हें कहा कि जहां भी गजेंद्र दिखे उसे शूट कर दें। उसने साथी हमलावरों को वारदात से पहले कुछ रुपए भी दिए थे। साथ ही वारदात के बाद मुकदमा और घर खर्च उठाने का भरोसा भी दिलाया था। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि सुनील ने पिस्टल कहां से खरीदी और घटना में कौन-कौन उसके साथ शामिल थे।

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