मृत बताकर खाद्य सुरक्षा की सूची से हटाया, छऊ के लोगों ने एडीएम से नाम जुड़वाने की गुहार की
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
खाद्य सुरक्षा योजना सूची में नाम हटाने में भारी गफलत सामने आई है। छऊ ग्राम पंचायत की खाद्य सुरक्षा सूची में 102 लोगों के नाम हटाए गए हैं। लोगों का आरोप है कि इनमें कई जिंदा लोगों को मृत बता कर नाम दिया हटा दिए। कुछ ऐसे हैं जो बरसों से गांव में रह रहे हैं लेकिन उन्हें गांव में नहीं रहना बता कर उनके भी नाम हटा दिए गए। ग्रामीणों ने मंगलवार को एडीएम से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
दरअसल, उदयपुरवाटी एसडीएम की ओर से पिछले माह खाद्य सुरक्षा योजना में छऊ पंचायत के 102 लोगों के नाम हटाए गए थे। इस सूची में कई बीपीएल परिवार, वरिष्ठ नागरिकों के नाम हटा दिए गए। जो व्यक्ति जिंदा है उन्हें मृत मान कर सूची से हटा दिया गया। कुछ को गांव में नहीं रहना बता कर उनके नाम काट दिए गए। कुछ लोगों की आय अधिक बता कर नाम हटाए गए। छऊ पंचायत के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को एडीएम से मिल कर नाम काटे जाने पर नाराजगी जताई। गुलाब सिंह ने बताया कि दफ्तर में बैठकर सूची बना कर मनमर्जी से नाम हटाए व जोड़े गए। ग्रामीणों ने पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ देने और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
गलती तरीके से नाम हटाने पर एडीएम से फरियाद करने पहुंचे छऊ के लोग।
पीड़ितों ने कहा-हम जिंदा हैं, फिर भी नाम हटा दिया
केस-1 : बेजूराम दड़िया
छऊ निवासी 70 वर्षीय बेजूराम दड़िया को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा था। पिछले महीने एसडीएम की ओर से जारी सूची में मृत बता कर उनका नाम हटा दिया गया।
केस-2 : परमेश्वरी
छऊ निवासी 60 वर्षीय परमेश्वरी मेघवाल बीपीएल में चयनित है। उन्हें मृत बताकर खाद्य सुरक्षा सूची से उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने एडीएम से मिल कर कहा कि वे जिंदा हैं, फिर भी उनका नाम हटा दिया।
केस-3 : माया देवी
छऊ निवासी माया देवी को गांव में नहीं रहना बता कर खाद्य सुरक्षा से नाम हटा दिया। माया ने बताया कि वह तो गांव में ही रहती है।
केस-4 : भंवर कंवर
छऊ निवासी भंवर कंवर को मृत मान कर उनका नाम सूची से हटा दिया। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से राशन ले रही थी। अब उसे मृत कैसे मान लिया।