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अमित शाह के फर्जी भांजे को कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा

3 वर्ष पहले
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भाजपा नेता से कीमती मोबाइल और एक लाख रुपए ले लिए थे, थाने में करवाई थी खातिरदारी

भास्कर संवाददाता | उज्जैन

खुद को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भांजा बताकर जीआरपी थाने में 11 लाख रुपए चोरी की फर्जी रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने भी शाह का भांजा समझ युवक की खूब खातिरदारी की और शहर के एक भाजपा नेता ने तो हाथों हाथ कीमती मोबाइल और एक लाख नकद भी दे दिए थे। अमित शाह के फर्जी भांजे यश उर्फ विराज शाह निवासी गांधीनगर को कोर्ट ने बुधवार शाम धोखाधड़ी के मामले में चार साल की सजा और दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।

घटना 26 जुलाई 2016 की है। फ्रीगंज निवासी भाजपा नेता नरेश शर्मा ने माधवनगर थाने में रिपोर्ट की थी कि विराज शाह नामक युवक ने उसे रेलवे स्टेशन पर मिला था जो खुद को अमित शाह का भांजा बता रहा था। उसने जब थाने में 11 लाख रुपए के सामान चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई तो उस पर भरोसा कर लिया मोबाइल दिलवाने के बाद नकदी भी दी। अमित शाह के फर्जी भांजे के द्वारा धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पुलिस उसे गुजरात से पकड़कर लाई थी उक्त मामले में न्यायाधीश चंद्र किशोर बारपेटे ने विराज को धारा 419 में तीन साल सश्रम और धारा 420 में चार साल सश्रम कारावास की सजा और अर्थदंड से दंडित किया। मीडिया सेल प्रभारी मुकेश कुमार कुन्हारे ने बताया कि न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य ऐसा है कि उसके प्रति कोई उदारता नहीं बरती जा सकती है।

फेसबुक आईडी से सर्च कर आरोपी तक पहुंची थी पुलिस

विराज के गांधीनगर समेत कई जगह इसी तरह की धोखाधड़ी के केस दर्ज है। सायबर सेल प्रभारी दीपिका शिंदे ने बताया कि तब आरोपी के बारे में पुलिस के पास पता, मोबाइल कुछ नहीं था। उसका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते फोटो था जिसकी मदद से आरोपी को फेसबुक पर सर्च कर आठ दिन मेहनत कर और उसके गांव तक पहुंचे इसके बाद उसके एक दोस्त की मदद से उसे पकड़ लिया था।

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