बाल विवाह में पत्रिका छापने वाले, केटर्स को भी हो सकती है दो साल की सजा
अक्षय तृतीया पर बुधवार को जिले में होने वाले संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए कलेक्टर संकेत भोंडवे ने प्रत्येक तहसील में उड़नदस्तों का गठन किया है, जो बाल विवाह की सूचना मिलने पर कार्रवाई करेंगे। बाल विवाह में पत्रिका छापने वाले, केटर्स, घोड़ी व बैंड तथा बरातियों पर भी कार्रवाई होगी। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की धारा-9, 10, 11 व 13 के अंतर्गत बाल विवाह करवाने वाले व सहयोग देने वालों को दो वर्ष की सजा व एक लाख के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं बाल विवाह रोकने वालों को सम्मानित किया जाएगा। समझाइश के बाद भी बाल विवाह नहीं रोकने पर परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह में यदि बाल विवाह का मामला पाया जाता है तो आयोजक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।