महाकाल में बच्चों ने कहा- जल है तो हम हैं और जल है तो कल
महाकाल के आंगन में स्कूली बच्चों ने आम लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरुक करने के लिए मंगलवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए जल बचाने का संदेश दिया। बच्चों ने नृत्य करते हुए हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर जल है तो हम हैं और जल है तो कल है, जल हमारे लिए सोना है, इसे कभी नहीं खोना है, नदी से पानी की आस, नदी बचाने का करो प्रयास का संदेश दिया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति एवं रूपांतरण सामाजिक एवं जनकल्याण संस्था द्वारा जल संरक्षण एवं पर्यावरण पर जन-जागृति लाने हेतु प्रवचनहाॅल में सुबह 10 बजे से यह कार्यक्रम किया, जिसमें एंजल हाइट्स फ्यूचर किड्स अकादमी, लोकमान्य तिलक उमावि. (सीबीएसई) कालिदास मांटेसरी उमावि, ऋषिनगर, कादंबिनी चिल्ड्रन्स अकादमी, ज्ञानसागर गर्ल्स अकादमी के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, वर्षाजल के संग्रहण और पर्यावरण संरक्षण थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। अतिथि सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष दिवाकर नातू, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति सदस्य विभाष उपाध्याय, जगदीश शुक्ला, पुजारी प्रदीप गुरु थे। श्री नातू ने कहा जिन बच्चों ने पानी बचाओ पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया है, वे भी उसका पालन करें। उपाध्याय ने कहा वर्ष 2009 में जब जल संकट आया था, तब शहर के बड़े लोग बाल्टी लेकर टैंकर का इंतजार करते थे। रुपांतरण के राजीव पाहवा, संजय व्यास, जयंत दाभाड़े, बरखा कुरील, रूही वाघमारे ने स्वागत किया। कार्यक्रम में मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरूड़, आरके तिवारी आदि उपस्थित थे।
अन्नक्षेत्र के बाहर प्याऊ का शुभारंभ
उज्जैन | युवा भगवा जागरण मंच के तत्वावधान में महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र के बाहर जल मंदिर का शुभारंभ किया गया। अतिथि बाबा बमबमनाथ महाराज, प्रणव भावे थे।