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मां के साथ पैर फिसलने से नदी में डूबे दोनों बेटे

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | उज्जैन/पंथपिपलई

इंदौररोड पर निनौरा के समीप नायाखेड़ी गांव में बुधवार को दो बच्चों की कान्ह नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों ही बच्चे सगे भाई थे और मां के साथ नदी के पास से जा रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से तीनों उसमें जा गिरे। बकरी चरा रहे ग्रामीण ने महिला को तो बचा लिया लेकिन दोनों बच्चों की जान नहीं बच सकी। होमगार्ड टीम ने चार घंटे बाद दोनों के शव नदी से निकाले।

हादसा बुधवार सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच हुआ। कृष्ण (5 साल) और बलराम (3 साल)की डूबने से मौत हुई है। दोनों मां ललिता (30 साल) के साथ सुबह नदी किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे का पैर फिसला तो संतुलन बिगड़ने से तीनों नदी में जा गिरे। नानाखेड़ा पुलिस ने बच्चों की खोजबीन के लिए होमगार्ड टीम की मदद ली। दोपहर में मोटर बोट और संसाधन लेकर पहुंचे रेस्क्यू टीम ने पौन घंटे बाद 18 फीट गहरी नदी से बच्चों के शव निकाले। नानाखेड़ा थाना एसआई बीआर चड़ार ने बताया बच्चों के पिता धर्मेंद्र के बयान लिए हैं। पैर फिसलने से हादसा होना बताया गया है। बच्चों की मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

दादी बोली- रोेज आश्रम ले जाती थी, आज ही घर छोड़ा

हादसे का पता चलने पर दादी कलाबाई व दादा लालसिंह घटना स्थल पर पहुंचे। दादी ने कहा रोज ही बच्चों को जय गुरुदेव आश्रम साथ ले जाती थी, आज ही गलती हुई जो घर छोड़ दिया। इधर पिता बाबूलाल मालवीय ने बताया कि बेटी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पहला बेटा हुआ था, तभी से मानसिक संतुलन बिगड़ गया लेकिन वह अपने बच्चों को नहीं मार सकती।

सांस देकर उठाने की कोशिश

दादी कलाबाई व घर के अन्य लोग बच्चों के शवों को लिए एक घंटे तक जतन करते रहे कि शायद दोनों जी उठे। किसी ने हाथ मसले तो किसी ने पैर, कोई सीने और पीठ पर हाथ फेरकर कहती रही कृष्णा, बलराम उठो। पुलिस को इलाज का बहाना बनाकर शव लेना पड़ा। मोटर बोट में सवार होमगार्ड टीम के मुंशी खान, अंबाराम नागर, शंकरलाल, हुकूमसिंह भाटी व निर्मलसिंह ने बताया दोनों ही शव करीब 15 से 20 फीट गहराई में थे, जिन्हें बलिए से खींचकर ऊपर लाए।

बच्चों के शव सीने से लगाकर विलाप करते परिजन।

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