नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप : मजदूर की बेटी जिले में टॉप
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली मजदूर की बेटी ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए राष्ट्रीय स्तर की स्कॉलरशिप परीक्षा में जिले में टॉप किया है। इस परीक्षा में शहर के सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब चार सालों तक इस छात्रा को केंद्र की ओर से स्कॉलरशिप दी जाएगी।
मक्सी रोड स्थित किशनपुरा में रहने वाली महक बड़गोत्या ने नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप योजना में उज्जैन जिले में टॉप किया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय नईदिल्ली द्वारा प्रतिवर्ष कक्षा 8वीं में अध्ययनरत शासकीय आैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों के लिए नेशनल मीन्स कम मेरिट परीक्षा आयोजित की जाती है। नवंबर 2017 में यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका रिजल्ट हाल ही में घोषित किया है। इसमें शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय नूतन देसाई नगर की छात्रा महक को जिले में सबसे अधिक अंक मिले। महक ने कुल 180 में से 108 अंक हासिल करते हुए जिले में पहला स्थान पाया। मध्यप्रदेश में उसे 48वां स्थान प्राप्त हुआ। पिता मजदूरी करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद महक ने बगैर किसी ट्यूशन के सिर्फ स्कूली पढ़ाई के आधार पर परीक्षा में अपनी प्रतिभा को साबित कर दिखाया। इस परीक्षा में चयनित होने पर महक को अब चार सालों तक प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।
सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए दी परीक्षा, अब चार साल तक मिलेगी छात्रवृत्ति, बगैर किसी ट्यूशन के साबित की प्रतिभा
पिता बोले - घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं, इसलिए बेटी को सरकारी स्कूल में दिलाया दाखिला
महक के पिता हुकुमचंद मजदूरी व रंगाई-पुताई का काम करते हैं। मां सुशीला गृहिणी हैं। हुकुमचंद ने बताया सालभर में मात्र तीन-चार महीने ही कार्य हो पाता है। आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया जा सके। इसलिए मैंने महक का एडमिशन शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय नूतन देसाई नगर में करवाया।