डाइविंग पूल बनेगा तो 87 लाख लागत बढ़ जाएगी, अब तय करेंगे नया प्लान
नगर निगम मुख्यालय परिसर में बनने वाले नए स्वीमिंग पूल में अब डाइविंग पूल (गोता लगाने के लिए) भी बनेगा। इससे लागत 87 लाख रु. और बढ़ जाएगी। जनप्रतिनिधियों के सुझाव आने के बाद निगम प्रशासन ने डाइविंग पूल बनाना तय कर लिया है।
स्वीमिंग पूल का डिजाइन स्मार्ट सिटी कंपनी ने तैयार कराया है। यह पूल केवल स्वीमिंग के लिए है। इसमें तैराकी की प्रतियोगिताएं हो सकती है। इसमें डाइविंग पूल का प्रावधान नहीं है। रविवार को हुए भूमिपूजन समारोह में जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति ली थी। विधायक डॉ. मोहन यादव का सुझाव था कि जब हम नया पूल बना रहे हैं तो इसमें खिलाड़ियों के लिए डायविंग पूल होना चाहिए। जिला तैराकी संघ ने भी आग्रह किया था। निगमायुक्त डॉ. विजयकुमार जे के अनुसार जनप्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर डाइविंग पूल बनाना तय किया है। 87 लाख रु. अतिरिक्त खर्च होंगे। पर यह काम निगम करेगा। स्मार्ट सिटी कंपनी के डिजाइन में अब खिलाड़ियों के सुझावों के आधार पर सुधार होगा। सोमवार को जिला तैराकी संघ के हरीश शुक्ला और राकेश तिवारी के साथ अधीक्षण यंत्री हंसकुमार जैन ने इस संबंध में चर्चा की।
स्वीमिंग पूल
डाइविंग पूल
ऐसा बन सकता है स्वीमिंग पूल