भारत विकास परिषद की पहली महिला शाखा हरसिद्धि भ्रूण हत्या रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं और उनके परिवार की काउंसलिंग करेगी। कुपोषित और टीबी पीड़ित बच्चों की भी मदद की जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर समाज और पर्यावरण को लेकर काम कर रही भारत विकास परिषद की पहली महिला शाखा का गठन उज्जैन में किया गया है। शाखा का नाम शक्तिपीठ हरसिद्धि के नाम पर रखा है। इसमें फिलहाल 70 सदस्य हैं तथा सदस्यता अभियान दो महीने और चलेगा। शाखा के पदाधिकारियों को रविवार रात शपथ ग्रहण कराई गई। जिसमें अध्यक्ष लता अग्रवाल, सचिव मोनिका चित्तौड़ा के साथ 6 पदाधिकारी तथा 9 कार्यकारिणी सदस्यों ने पदभार संभाला। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जया मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह की मुख्य अतिथि व शपथ अधिकारी भाविप की राष्ट्रीय पदाधिकारी राजश्री गांधी थीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शाखा के बच्चे पलक हिंगड़, विजेता भार्गव, अंशुमन श्रीवास, प्रशस्ति शर्मा, मैत्रेयी मनाना का सम्मान भी किया गया। दायित्व ग्रहण समारोह में अध्यक्ष लता अग्रवाल, सचिव मोनिका चित्तौड़ा के साथ कोषाध्यक्ष पद पर माधुरी शर्मा, सहसचिव वर्षा राव, प्रांत प्रतिनिधि आशु नागर, संगठन प्रमुख वनिता वाघे, व्यवस्था प्रमुख हीरामणि महाजन, प्रचार प्रमुख डॉ. स्मिता करजगांवकर ने दायित्व ग्रहण किया। वहीं कार्यकारिणी के रूप में मनीषा ठाकुर, शालिनी सोमानी, योगिता यादव, अनिता श्रीवास, कुसुम बागड़ी, अलका व्यास, अलका हींगड़, मीना गर्ग, रेखा भालेराव ने शपथ ली। समारोह में डॉ. जया मिश्रा ने बेटी बचाओ योजना को सुदृढ़ बनाने की बात कहते हुए सुमधुर गीत प्रस्तुत किया। वहीं मुख्य अतिथि राजश्री गांधी ने महिलाओं को और अधिक मजबूत होने पर बल दिया। संचालन डॉ. स्मिता करजगांवकर ने किया एवं आभार कार्यक्रम संयोजिका वनिता वाघे ने माना।
समाज से लेंगे सहयोग
सचिव मोनिका चित्तोड़ा के अनुसार महिला शाखा की सदस्यता के लिए 2500 रु. सालाना शुल्क रखा गया है। जिससे कुपोषित व टीबी ग्रसित बच्चों का उपचार कराया जाएगा। इन बच्चों के लिए समाजजनों का भी सहयोग लेंगे। समाज की पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए भी संगठन काम करेगा।
भाविप की महिला शाखा की पदाधिकारी और सदस्य शपथ ग्रहण करते हुए।