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सीएम का संवाद सुनने आए केवल 51% विद्यार्थी, उज्जैन के छात्र को नहीं मिला मौका

3 वर्ष पहले
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विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग आैर अकादमिक विकल्पों के बारे में जानकारी देने के लिए बनाई गई हम छू लेंगे आसमां योजना सोमवार से शुरू हो गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से प्रसारण के जरिए सीधा संवाद कर इस योजना की शुरुआत की लेकिन उज्जैन से चयनित एकमात्र विद्यार्थी को मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का मौका नहीं मिल पाया। वहीं पूरे जिले में पात्र विद्यार्थियों में से केवल 51 प्रतिशत विद्यार्थी ही मुख्यमंत्री का संवाद सुनने पहुंचे। जिले में 12वीं कक्षा के 70 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले 2993 विद्यार्थियों को इस संवाद कार्यक्रम में बुलाया था लेकिन इनमें से मात्र 1540 विद्यार्थी ही उपस्थित हुए। उत्कृष्ट विद्यालय में बनाए केंद्र पर वर्चुअल क्लास रूम आैर स्मार्ट क्लास रूम में विद्यार्थियों के लिए प्रसारण की व्यवस्था रखी गई लेकिन पास-पास कक्ष होने के कारण पूरे समय इको की परेशानी बनी रही आैर अधिकांश समय विद्यार्थी स्पष्ट रूप से प्रसारण को नहीं सुन सके। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अभय तोमर का कहना है कि विद्यार्थियों के बेहतर इंतजाम किए थे। कुछ देर इको की समस्या हो सकती है लेकिन विद्यार्थियों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई।

जिस स्क्रीन पर संवाद का प्रसारण हो रहा था, उस पर भी आधे स्क्रीन पर ही संवाद विद्यार्थियों को दिख रहा था। यहां इको की भी परेशानी रही।

दो प्रश्न तैयार किए थे, लाइन मिलाई लेकिन कनेक्ट नहीं

जिले की मेरिट में तीसरे स्थान पर आए 12वीं के छात्र अरूण कुमार का नाम प्रश्न पूछने वाले विद्यार्थी के रूप में भोपाल भेजा था लेकिन ऐनवक्त पर नाम कट गया। अरूण ने बताया वह मोबाइल से लाइन मिलाने का प्रयास करता रहा लेकिन कनेक्ट नहीं हो सका। अरूण का कहना है उसने दो प्रश्न तैयार किए थे। जिसमें आईआईटी इंदौर में मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी कब शुरू होगा का पहला सवाल था। वह आईएएस करना चाहता है लेकिन अगर वह राज्य से बाहर दिल्ली जाकर इसकी तैयारी करे तो क्या राज्य सरकार उसकी आर्थिक मदद करेगी? यही उसका दूसरा सवाल था।

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