शहर में तैराकी के 300 से ज्यादा खिलाड़ी है इनमें 50 से ज्यादा नेशनल और एक मनस्विता तिवारी इंटरनेशनल खिलाड़ी है। हाल ही में तरण ताल में आयोजित जिला स्तरीय तैराकी चैंपियनशिप में 40 बालक-बालिका स्टेट चैंपियनशिप के लिए चयनित हुए हैं। इसके बावजूद 20 साल से उज्जैन में एनआईएस कोच की नियुक्ति नहीं की है।
जिला तैराक संघ के संरक्षक कुतुब फातेमी ने बताया 20 साल से जिला संघ तैराकों के लिए एनआईएस कोच की मांग कर रहा है। तरण ताल में जब तीन मंजिला डाइविंग ट्रैक बनाया था उस समय भी संघ ने चेतावनी देते हुए यह मांग की थी कि तैराकों के मार्गदर्शन के लिए एनआईएस कोच की नियुक्ति की जाना चाहिए। लगातार प्रशिक्षण नहीं होने से स्टेट और नेशनल स्तर पर खिलाड़ी अवसर मिलने के बाद भी चूक जाते हैं। संघ के सह सचिव राकेश तिवारी ने बताया अनियमित कोच के रूप में हरीश शुक्ला, राजेंद्र चौहान मौजूद रहते है लेकिन शासन द्वारा एनआईएस कोच के पास विशेषाधिकार होते हैं वह तकनीकी खामियों को दूर कर सकता है।
शहर के तीनों स्वीमिंग पूल पर खिलाड़ियों की परेशानी
1 कोठी रोड़ स्थित नगर निगम के तरण ताल में क्रिस्टल क्लियर पानी नहीं है। तकनीकी खराबी यह है कि पानी में स्वीमिंग पूल वाली गति नहीं है। यहां प्रैक्टिस करने वाला तैराक नेशनल और बड़ी प्रतियोगिताओं में उपयोग होने वाले स्वीमिंग पूल में श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकता है।
2 माधव क्लब में स्वीमिंग पूल तकनीकी खराबी से जूझ रहा है। यहां पूल में लीकेज होने की वजह से हर घंटे पूल से पानी कम हो जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की गई है। लेकिन पिछले चार माह से यहां समस्या होने की वजह से खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे है।
3 महानंदा नगर स्थित यूडीए एवं खेल विभाग का स्वीमिंग पूल बंद ही पड़ा है। यहां लगे क्लोरिन प्लांट, मोटर आदि बंद पड़े है। इसे चालू करवाने में लाखों रुपए खर्च होंगे जो खेल विभाग को वहन करना है। खेल अधिकारी रूबिका देवान का कहना है कि संचालनायल को यहां की स्थिति से अवगत करा दिया है। अब पूल को हमेशा के लिए चालू किया जाना है। इसलिए सभी तरह की खामियों को पूरा करने में समय लग रहा है।