11 मुखी हनुमान यज्ञ कल से, खोपरे-पंच मेवे की सवा लाख आहुतियां डालेंगे
गया कोठा सप्त ऋषि मंदिर के पास शनिवार से शुरू हुई राम कथा में उपस्थित श्रद्धालु। कथा वाचन करते अयोध्या से आए सिद्ध बाबा।
भास्कर संवाददाता | उज्जैन
जनकल्याण के लिए गया कोठा सप्त ऋषि मंदिर के पास अयोध्या से आए महामंडलेश्वर नरसिंह दास सिद्ध बाबा महाराज के सानिध्य में सोमवती अमावस्या पर्व सोमवार से 11 मुखी हनुमान कवच रुद्र महायज्ञ किया जाएगा।
यज्ञ में खोपरे- पंचमेवा की सवा लाख आहुतियां डाली जाएगी। शनिवार से बाबा की रामकथा भी शुरू हुई। अनुष्ठान की जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर महावीर दास महाराज ने बताया कि कथा के अलावा महाराज श्री का मौन व्रत रहता है। उज्जैन में वह पहली बार इस तरह का यज्ञ अनुष्ठान करने जा रहे हैं, जो अनूठा होगा। 11 कुंडीय यज्ञ के लिए काशी से पंडित बुलाए गए हैं। यज्ञ व कथा 22 अप्रैल तक चलेगी और 23 अप्रैल को भंडारे के साथ इसकी पूर्णाहुति की जाएगी।
चार प्रकार के जीवों में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ
रामकथा की शुरुआत करते हुए अयोध्या से आए महामंडलेश्वर नरसिंहदास सिद्ध बाबा महाराज ने पहले दिन कहा कि 84 लाख योनियां, चार प्रकार के जीवों में सर्वश्रेष्ठ मनुष्य जीवन है लेकिन मनुष्य होते हुए भी प्राप्त शक्तियों को भूल जाता है। विश्व विराट मानव कल्याण सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट गुजरात के तत्वावधान में कथा की जा रही है। आयोजन समिति के अजीत मंगलम ने बताया कि व्यासपीठ पर महाराज श्री का पूजन एवं आरती रवि राय, रेखा राय, यजमान हरिसिंह यादव आदि ने किया।
प्रथम वक्ता शिव, श्रोता पार्वती, लेखक तुलसीदास
महाराज ने कथा में बताया रामकथा के प्रथम वक्ता भगवान शिव तथा श्रोता माता पार्वती थीं, द्वितीय वक्ता कागभूषण महाराज तथा श्रोता गंगा, जमुना, सरस्वती नदियां थी। प्रथम लेखक वाल्मिकी महाराज जिन्होंने संस्कृत भाषा में लिखी तथा द्वितीय लेखक गोस्वामी तुलसीदास, जिन्होंने सरल भाषा हिंदी में लिखा। कथा में दिनेश पंड्या, अनंतनारायण मीणा, ललित मीणा, जानकीलाल परमार, नितिन शर्मा उपस्थित थे।