व्यापमं घोटाला : अफसर बोले- कॉलेज ने सूची दी थी
मामला एमबीबीएस के छह विद्यार्थियों के एडमिशन का
भास्कर संवाददाता | उज्जैन
व्यापमं घोटाले की जांच के दायरे में आए एमबीबीएस के विद्यार्थियों की पात्रता आैर नामांकन के मामले में सीबीआई के अफसरों ने विक्रम विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ की है। सीबीआई ने इन अधिकारियों से पूछा- आखिर किस आधार पर विवि ने इनकी पात्रता आैर नामांकन किए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पक्ष रखते हुए कॉलेज की सूची के आधार पर पात्रता व नामांकन करने की बात स्वीकार की है।
मामला 2013 में आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के प्रवेश से जुड़ा है। इसमें छह ऐसे विद्यार्थियों के एडमिशन हुए, जिन्हें डीएमई ने स्वीकृत नहीं किया था। जबकि कॉलेज प्रबंधन ने विवि में शपथ पत्र देकर यह कहा था कि प्रवेश नियमानुसार ही दिए हैं आैर इसकी समस्त जवाबदेही कॉलेज की है। डीएमई की सत्यापित सूची 13 जनवरी 2015 को प्राप्त हुई लेकिन तब तक परीक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की परीक्षा ले ली थी। इस मामले में सीबीआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर मामले में तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी तलब की थी। सीबीआई ने इन्हें भोपाल तलब किया। 45 मिनट तक अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ हुई।