1750 वाली खली 1650 रुपए हो गई, वायदा 150 रुपए घटा
उज्जैन | कपास्या खली का व्यापार बड़ा घाटे वाला साबित हो गया है। दो माह पहले दो से ढाई करोड़ रुपए का खली व्यापार में नुकसान हो चुका है। पशु आहार के भाव पर भी वायदा डिब्बा निर्धारण करेगा तो पशु तो खली नहीं खाएगा, लेकिन सट्टे नाम से सटोरिए इसका मुनाफा खा रहे हैं। महंगे भाव के समय खली व्यापारियों ने ऑर्डर दिए थे, लेकिन माल रास्ते में ही था और भाव 150 रुपए बोरी घट गए। 8 दिन पहले 1750 रुपए बिक रही खामगांव वाली खली 1650 रुपए के भाव बिकने लगी है। पशु मालिक पशुओं को दूध की खपत बढ़ाने के लिए खली अधिक मात्रा में खिलाते हैं। चिमनगंज मंडी के खली व्यापारी मनीष गांवड़ी ने बताया सट्टा व्यापार से खली व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है। वायदा सट्टे ने खली का वास्तविक व्यापार छीन लिया है।