त्रिवेणी पर बन रहा शहर का पहला सनसेट पाइंट
आप पर्यावरण प्रेमी हैं और नदी, तालाब, पक्षी, जंगल, सन-सेट का आनंद लेना चाहते हैं तो अपनी संडे इवनिंग वन विभाग के त्रिवेणी पर विकसित हो रहे ईको पार्क में बिताइए। विभाग की अनुसंधान और विस्तार इकाई ने सात हेक्टेयर क्षेत्र में नागरिकों को जंगल में मंगल का आनंद देने की व्यवस्था की है। ईको पार्क मई तक बन कर तैयार हो जाएगा। हालांकि इसे अभी भी आम लोगों के लिए खुला रखा गया है।
त्रिवेणी के समीप मोतीनगर के पास मुक्तिधाम के सामने वन विभाग की रोपणी में यह पार्क आकार ले रहा है। नदी किनारे बन रहे इस पार्क को जंगल सफारी की तर्ज पर बनाया जा रहा है। प्रभारी केके पंवार के अनुसार अभी 30 प्रतिशत विकास हो चुका है। मई तक इसे पूरी तरह विकसित कर देंगे। यह शहर में अपने तरह का अलग पार्क होगा जो लोगों को जंगल में मंगल का आनंद देगा। पार्क के साथ यहां पौधों की बिक्री की व्यवस्था भी की है ताकि लोग जब यहां आकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लें तो अपने आसपास पौधारोपण के लिए भी तैयार हो सकें। यहां ग्रीन हाउस और पॉली हाउस भी बनाया है जिनमें पौधे तैयार होते हैं। वातावरण को पूरी तरह ग्रीन बनाने के लिए यहां सोलर लाइट्स का उपयोग किया है। ग्रीन एनर्जी से ही मोटर पंप चलाकर पानी का प्रबंध किया है। ईको पार्क में नाइट बिताने के लिए दो फेमिली रूम बनाए जाएंगे, जहां हर तरह की सुविधा होगी। केंटीन भी बनेगी। ईको पार्क का सफर अभी नि:शुल्क है। पार्क तैयार होते ही इसे सशुल्क किया जाएगा।
बर्ड जोन और फाॅरेस्ट नाइट स्टे डेस्टिनेशन भी बनेगा, सात हेक्टेयर में निर्माण
शिप्रा किनारे यहां बैठकर प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकते हैं।