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जिले में दो-ढाई हजार ट्रक फिर भी रंगा-बिल्ला ने 40 से अधिक नहीं लगाए

3 वर्ष पहले
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सोमवार को टीएल बैठक में एक बार फिर रंगा-बिल्ला चर्चाओं में आया। अनाज के परिवहन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर मनीष सिंह ने पूछा कि क्या स्थिति है? सहकारिता विभाग के अफसर बोले सर, थोड़ा अनाज और उठना बाकी है। रतलाम जिले तक में अनाज उठ गया लेकिन हमारे यहां बाकी है। इस पर कलेक्टर सिंह ने नान के जिला प्रबंधक एसएन माहेश्वरी से कहा कि इनके (रंगा-बिल्ला) के संबंध में शासन को फिर से लिखो कि ये खुद के साथ-साथ परिजनों के नाम से भी टेंडर डालते हैं और काम नहीं करते हैं। जिले में दो से ढ़ाई हजार तक ट्रक है बावजूद इन्होंने परिवहन के लिए 40 से अधिक नहीं लगाए।

गौरतलब है कि इससे पूर्व 7 मई को रंगा-बिल्ला के नाम से चर्चित परिवहन के इस गणेश अग्रवाल नामक ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा का पत्र कलेक्टर सिंह भी शासन को लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने भी स्पष्ट किया था 31/12/18 तक अनाज परिवहन का यह ठेका शारदा रोड लाइंस प्रालि के तहत गणेश अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल और प्रो.दिनेश अग्रवाल ने लिया है और ये एक ही परिवार के सदस्य है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम नहीं करते हैं। जिससे हालात खराब होने का खतरा है। इन्हें ठेका कैसे दिया गया इसको लेकर विभागीय जांच बैठाई जाना चाहिए। तब माना जा रहा था कि संबंधित एजेंसी व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि अब आशंका जताई जा रही है कि अगली बार के टेंडर से पूर्व शासन उक्त एजेंसी को लेकर कोई फैसला ले सकती है। इधर देर शाम को नान के जिला प्रबंधक माहेश्वरी ने जानकारी दी कि जिले की सभी मंडियों से चना, सरसो व मसूर का उठाव 100% हो चुका है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 2013 में विवाह करवाए, उपहार सामग्री के 5 लाख अब तक नहीं दिए
बैठक में सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान 2013 में नगर निगम द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत करवाए गए विवाह की उपहार सामग्री का पांच लाख का भुगतान व्यापारी को अब तक नहीं किए जाने का प्रकरण सामने आया। इस पर कलेक्टर सिंह ने पूछा कि ऐसा क्यों हुआ ? सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी बोले कि फंड हमारे पास आया था, हमने निगम को जमा करवा दिया था। बावजूद वे भुगतान नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि तत्काल भुगतान कर, प्रकरण समाप्त करवाए।

बार-बार शिकायतें आ रहीं हैं, कलेक्टरेट भवन निर्माण से जुड़े विभागों में समन्वय बनाए और काम में तेजी लाएं
निर्माणाधीन कलेक्टोरेट भवन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बार-बार शिकायतें आ रही है कि वहां से मलबे का उठाव नहीं हो रहा है, इससे आगे की तुड़ाई नहीं हो पा रही हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पीआईयू के अफसरों को कहा कि ऐसे काम नहीं चल पाएगा, विभागों में समन्वय करवाकर निर्माण कार्य में तेजी लाएं। कलेक्टर ने बैठक में देरी से आए पंचायत के कुछ अधिकारियों पर भी नाराजी जताते हुए उन्हें आग से समय पर आने के निर्देश दिए।

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