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चंदेसरा के पास खेत में नरवाई जलाने से सड़क किनारे तक पहुंची आग की लपटें, पेड़ भी झुलसे

3 वर्ष पहले
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नरवाई जलाने वालों पर प्रकरण दर्ज कर उनसे क्षतिपूर्ति राशि वसूलने की कार्रवाई की जाए। यह आदेश प्रशासन ने जारी तो किए लेकिन पालन नहीं किया जा रहा है। लिहाजा रोजाना जिले में कई स्थानों पर नरवाई जलाकर प्रकृति, जीव-जंतु व भू-संपदा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शुक्रवार को ही देवास रोड पर ग्राम चंदेसरा के समीप बड़ा हादसा होने से टल गया। दोपहर में यहां नरवाई जलाने के लिए लगाई गई आग चारो तरफ तेजी से फैल गई। हवा की लपटों के साथ आग की चिंगारी सड़क को क्रास करते हुए दूसरी तरफ के जंगल में भी जा पहुंची। जिससे वहां के पेड़-पौधों में ऊंची लपटे उठने लगी। इससे राहगीरों को परेशानी झेलना पड़ी। उन्हें बचते हुए मजबूरी में रांग साइड से होकर गुजरना पड़ा। हैरानी यह कि जिन युवकों ने नरवाई में आग लगाई थी वे भी इसकी भयावहता देखकर बेबस नजर आए। उन्होंने केन में पानी भरकर आग बुझाने की नाकाम कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग बढ़ती रही और लोग परेशान होते रहे। ऐसे में क्या जिम्मेदार जवाब देंगे कि आसपास कोई पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी व गोडाउन होते तो क्या होता ?

ऐसी घटना से अफसरों को सबक लेते हुए नरवाई जलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करना चाहिए। पिछले साल 17 अप्रैल को तात्कालीन एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी के निर्देश पर जिलेभर में नरवाई जलाने वाले 17 लोगों पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। सर्वाधिक चार प्रकरण तराना में दर्ज किए गए थे। इधर रात को कनीपुरा-तराना मार्ग पर भी मोजमखेड़ी सहित आसपास के करीब आधा स्थानों पर नरवाई जताई जाती रही।

पिछले साल नरवाई जलाने पर 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए थे, इस बार एक भी नहीं
चंदेसरा के समीप इस तरह आग की लपटें सड़क किनारे उठती नहीं। राहगीरों को मुश्किलों के बीच यहां से गुजरना पड़ा।

क्या होती है नरवाई
खेतों से फसल कटने के बाद जो अवशेष बचते हैं उन्हें नरवाई कहते हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी नरवाई जलाने पर रोक लगा चुका है। ऐसे में किसानों को नरवाई नहीं जलाने और रीपर से कटाई की सलाह के बावजूद नरवाई जला रहे हैं।

इन क्षेत्रों में जला रहे
कानीपुरा-तराना रोड क्षेत्र के गांवों में, देवास व इंदौर रोड़ के गांवों में। बड़नगर-उन्हेल मार्ग के गांवों में। मक्सी रोड, कायथा के आसपास के गांवों में। भैरवगढ़ क्षेत्र के आसपास के अंचलों में। महिदपुर-नागदा व खाचरौद क्षेत्र के गांवों में भी नरवाई जलाई जा रही है।

कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, देखता हंू
हमने नरवाई जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश तो जारी कर दिए थे। मैं दिखवाता हूं, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही हैं। जीएस डाबर, एडीएम।

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