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जनसुनवाई में फिर धमकी : 5 साल में 8 आवेदन दिए, कोर्ट से फैसला पक्ष में आया, फिर भी सीमांकन नहीं

3 वर्ष पहले
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तराना तहसील के सामानेरा के 68 वर्षीय वृद्ध किसान धुला पिता मांगू 5 वर्ष में 8 बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके थे। मंगलवार को वे 9वां आवेदन देने पहुंचे तो अफसरों के टालमटोल रवैए से त्रस्त होकर आत्महत्या कर लेने की धमकी दे डाली और बेबस होकर रोने भी लगे। तब अफसरों ने उन्हें पास बुलाया और उनकी समस्या गंभीरता से सुनी। उन्हें सीमांकन कराने का भरोसा दिलाया।

किसान धुला आवेदन लेकर एडीएम जीएस डाबर के पास पहुंचा था। आवेदन पढ़ने के बाद एडीएम ने तराना के अफसरों से बात की कहा कि वे किसान को उनके पास भेज रहे हैं इनकी समस्या दूर करें। यह सुनकर किसान बोला मैं उनके (एसडीएम-तहसीलदार) पास जाता हूं तो वे भगा देते हैं। यह कहते हुए किसान आगे बढ़ा और बोला- मैं परेशान हो चुका हूं आत्महत्या कर लूंगा, यहां नहीं तो तराना जाकर आत्महत्या कर लूंगा। वह रोने भी लगा। तब अपर कलेक्टर ब्रजभानसिंह तोमर व डिप्टी कलेक्टर प्रदीप सोनी ने उसे बुलाकर आवेदन लिया। किसान ने बताया कि- गांव में उसके स्वामित्व की कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 498 व 507 है। इसके लिए गांव के ही अमृत पिता अवंति लाल ने दिवानी प्रकरण तहसील न्यायालय में दायर किया था जो निरस्त हो गया। अपील की थी वो भी 15 मार्च 18 को निरस्त हो गई। अब ना तो मामले में स्थगन है ना हीं कोर्ट में विचाराधीन बावजूद तहसीलदार व आर आई सीमांकन नहीं कर रहे हैं। इधर अमृतलाल मेरे साथ मारपीट करता है। उससे मेरी जान को खतरा बना हुआ है। किसान की बात गंभीरता से सुनने के बाद दोनों अधिकारियों ने तराना के एसडीएम, तहसीलदार व आर आई से बात कर उनका सीमांकन गुरुवार से पहले हर हाल में कर देने के निर्देश दिए। सीमांकन का आश्वासन मिलने के बाद वह रवाना हुआ।

2013 से दे रहे आवेदन, सवाल यह कि इनका क्या हुआ?

किसान धुला अपनी जमीन के सीमांकन, उसे हड़पने का प्रयास कर उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ वर्ष 2013 से एसडीएम, एसपी कार्यालय में व बृहस्पति भवन में जन सुनवाई में आवेदन देते आ रहा हैं। ये 8 आवेदन उसने 2 व 9 अप्रैल 13, 4 जून 13, 21 जनवरी 14, 28 अक्टूबर 14, 26 अक्टूबर 16, 23 अप्रैल व 8 मई 18 को दिए। मंगलवार को वह 9वां आवेदन देने पहुंचा था। ऐसे में सवाल यह कि किसी भी व्यक्ति को इतने आवेदन देने व आत्महत्या की धमकी देने जैसे कदम उठाने पर क्यों मजबूर होना पड़ रहा हैं ?

रोते हुए पीड़ा सुनाता किसान धुला।

किसान ने खाली शीशी दिखा जहर पीने की धमकी दी, अफसर बोले- इसे रखो

ग्राम नवेदिया के किसान हेमराज पिता कालू अपने भाई नरसिंग की जमीन पर अनोखीलाल द्वारा किए कब्जे को हटवाने की मांग का आवेदन लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था। साथ में एक महिला थी। इन्होंने डिप्टी कलेक्टर सोनी को शीशी दिखाते हुए कहा कब्जा हटवाओ वरना हम जहर पी लेंगे। सोनी ने कहा- शीशी को झोले में ही रखो। आवेदन दे दो समस्या का निराकरण कर देंगे। बाद में पता चला शीशी खाली थी। दबाव बनाने के लिए लाए थे।

कीटनाशक की खाली शीशी लेकर पहुंचे किसान हेमराज।

व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया है

जनसुनवाई की व्यवस्था में अब थोड़ा बदलाव किया है। रिकॉर्ड रखा जा रहा है कि कौन सा आवेदन किस अधिकारी-कर्मचारी के पास पहुंचा हैं। समय रहते निराकरण नहीं होने पर वह कार्रवाई के दायरे में आएगा। जनता से आग्रह है कि वे ऐसे आत्मघाती कदम उठाने के प्रयास नहीं करें। - जीएस डाबर, एडीएम

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