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सप्त सागरों की यात्रा शुरू, क्षीरसागर पर सफाई और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं, पुरुषोत्तम सागर की सीढ़ियां ही खराब
अधिकमास के पहले ही दिन शहर के सप्त सागरों, नौ नारायण और चौरासी महादेव के दर्शन पूजन के लिए सैकड़ों यात्री पहुंचे। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। यात्रियों ने पूजन अर्चन कर दान किया। पुजारियों के अनुसार खेतों में काम नहीं है तथा विवाह नहीं होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। पूरे महीने यात्रियों का यह क्रम बने रहने की संभावना है। अधिकमास तीन साल के अंतराल में आता है। इस बार दो जेष्ठ हैं। इस कारण अधिकमास का महत्व बढ़ गया है। बुधवार, कृतिका नक्षत्र के साथ अन्य संयोग होने से यात्रियों में उत्साह है। सुबह से ही सप्त सागरों, नौ नारायण, चौरासी महादेव और अष्ट चिरंजीवी मंदिरों में दर्शन पूजन शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने सप्त सागर यात्रा में रुद्रसागर, पुष्कर सागर, क्षीरसागर, गोवर्धन सागर, र|ाकर सागर, विष्णु सागर, पुरुषोत्तम सागर पर जाकर पूजन किया तथा सागर के अनुसार दान दिया। पं. श्याम नारायण व्यास के अनुसार पुरुषोत्तम सागर पर प्रशासन द्वारा सीढ़ियां बनाई गई हैं लेकिन उनका निर्माण ठीक नहीं होने से महिलाओं को आने-जाने में कठिनाई आई। महिलाओं ने सीढ़ियों की जगह कच्ची जमीन से जाना ठीक समझा। सप्त सागरों पर पेयजल, सफाई आदि की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। पुजारियों को स्वयं व्यवस्था करना पड़ी। पूरे महीने यात्राओं का क्रम चलेगा। इस दौरान दो लाख यात्रियों के आने की संभावना है। पुजारियों के अनुसार अधिकमास का पुण्य लेने व सप्तसागर, चौरासी महादेव, नौ नारायण की यात्रा के लिए प्रदेशभर से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। इंदौर, भोपाल, शाजापुर, मंदसौर के अलावा इटारसी तक के यात्री आए। पुजारियों का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते प्रशासन को इन यात्राओं की व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। भीषण गरमी को देखते सभी जगह पेयजल का प्रबंध होना चाहिए। इसके अलावा रात्रि में प्रकाश व्यवस्था भी जरूरी है। नौकरी पेशा लोग शाम को यात्रा पर निकलते हैं। अंधेरा होने से इन्हें परेशानी आ सकती है।