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ऋषिनगर में आने-जाने के लिए छोड़े थे 23 गलियारे, सब पर निर्माण, रास्ते बंद

3 वर्ष पहले
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यूडीए की ऋषिनगर आवासीय योजना में लोग गलियारों से होकर आ जा सके, इसके लिए यहां 23 गलियारे दिए थे। इन पर लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए। अब यहां लोग इन गलियारों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। कॉलोनी नगर निगम को हैंड ओवर हो चुकी है। यहां पर निर्माण होते रहे और निगम के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

देवास रोड पर 1988 में विकसित की यह कॉलोनी 10 सेक्टर में है। कॉलोनी में 3500 मकान व प्लाट हैं। कॉलोनी का प्लान इस समय इस तरह से किया था कि ब्लॉक के बीच में जगह मिल सके। इसके लिए यहां 23 गलियारे छोड़े गए। इसके पीछे उद्देश्य था कि मकानों के बीच में दूरी रहे तथा रहवासियों को गलियारों से होकर आने-जाने की सुविधा मिलती रहे। समीप के मकान मालिकों ने गलियारों में चढ़ाव बना लिए व दरवाजे लगा दिए। इन गलियारों में लोगों ने अपने मकान का विस्तार तक कर लिया। इस वजह से 50 फीट लंबे व 9-9 फीट चौड़ाई वाले ये गलियारे ही समाप्त हो गए और लोग आने-जाने की मिलने वाली सुविधा से वंचित हो गए। यहां फुटपाथ के लिए छोड़ी गई जमीन पर भी लोगों ने बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया है।

गलियारों में दरवाजे लगाकर बंद कर दिए रास्ते, सीढ़ियां तक बना ली

गलियारे में गेट लगाकर कब्जा कर लिया।

यहां तो पक्का निर्माण कर रास्ता की बंद कर दिया।

30

साल पुरानी कॉलोनी का एक भी गलियारा खुला नहीं

यहां भी गेट लगाकर और गैलेरी बनाकर कब्जा कर लिया।

सीढ़ी बनाकर चार फीट पर कब्जा कर लिया।

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