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चरक में दिव्यांग की डिलिवरी से इनकार, डॉक्टर बोलीं- मैं नहीं देखूंगी, यहां क्यों आए
चरक अस्पताल के प्रसूति गृह में दिव्यांग महिला की डिलिवरी नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। ड्यूटी डॉक्टर ने तो दिव्यांग को देखते ही कर दिया था, मैं इसे अटैंड नहीं करूंगी, इन्हें आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भेजा था, यहां वापस क्यों आए। उन्हें निजी अस्पताल में जाना पड़ा। जहां महिला ने लड़के को जन्म दिया। डिलिवरी पर 35 हजार रुपए खर्च हो गए हैं।
तत्कालीन कलेक्टर संकेत भोंडवे ने 7 मार्च 2017 को इंदौर रोड स्थित दिव्यांग विवाह समारोह का आयोजन करवाया था जिसमें निशा व विशाल जैन निवासी संजय नगर नानाखेड़ा ने विवाह किया था। विशाल 40 प्रतिशत दिव्यांग है और उसकी प|ी 80 प्रतिशत, वह चल भी नहीं पाती है। उसे शुक्रवार को डिलिवरी के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया था। जहां से उसे यह कहते हुए आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया कि यहां पर डिलिवरी में परेशानी आएगी। पति विशाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी सुनवाई नहीं होने पर प|ी को रविवार को वापस चरक ले गए थे। यहां पर उस समय तो भर्ती कर उपचार शुरू किया गया था लेकिन दूसरे दिन सोमवार को एक डॉक्टर मेडम राउंड पर आई तो उन्होंने कहा कि मैं इस मरीज को नहीं देखूंगी। इसे यहां से रैफर किया जा चुका है तो वापस क्यों आ गए। इस पर पति विशाल ने कहा कि लिखकर दे कि यहां पर डिलिवरी नहीं हो सकती। उसके बाद महिला को फ्रीगंज के निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। यहां सीजर से महिला ने लड़के को जन्म दिया। निजी अस्पताल में उन्हें 35 हजार रुपए खर्च करना पड़े हैं। चरक अस्पताल की डॉ. अनिता जोशी से संपर्क किया तो उनका कहना था कि मैं अभी ऑपरेशन के लिए जा रही हूं, आप कल अस्पताल आकर जानकारी ले लेना। मुझे मरीज के बारे में याद नहीं आ रहा है, पेपर देखकर ही बता पाऊंगी।
डिस्चार्ज पेपर तक नहीं दिए
महिला दर्द से तड़प रही थी। परिवार के लोगों ने डिस्चार्ज पेपर मांगे तो स्टाफ ने कहा, डॉक्टर मेडम ऑपरेशन थियेटर में है। उनके आने के बाद ही पेपर तैयार किए जा सकेंगे। उन्हें न तो लिखित में दिया गया और न डिस्चार्ज पेपर दिए गए।