महापौर- आयुक्त में अक्सर नहीं बनी, आयुक्त बोले- अच्छा अनुभव रहा
नगर निगम आयुक्त डॉ. विजय कुमार जे और महापौर मीना जोनवाल के बीच ज्यादा समय तक तालमेल नहीं रहा। उनके बीच तनाव को लेकर नगर निगम परिसर ही नहीं शहर के प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा बनी रही। महापौर मुख्यमंत्री को डॉ. जे को उज्जैन से स्थानांतरित करने के लिए पत्र लिख चुकीं थीं। बुधवार को प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह महापौर निवास पर पहुंचे थे जहां एमआईसी सदस्यों व महापौर ने उनसे बंद कमरे में निगमायुक्त डॉ. जे को लेकर बातचीत की थी। बुधवार रात ही डॉ. जे को दमोह कलेक्टर नियुक्त करने की खबर आ गई।
डॉ. जे ने भास्कर से उज्जैन के अनुभव सांझा करते हुए कहा उज्जैन में अच्छा अनुभव रहा। स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर को और सुंदर और सुविधाजनक बनाया जाना चाहिए। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने योजनाएं भी बनाई हैं। महाकाल क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने और सौंदर्यीकरण के लिए भी योजना बनाई गई है। महापौर जोनवाल बोलीं- जब तालमेल से काम होता है तो अच्छे नतीजे आते हैं। निगम के माध्यम से कई नई योजनाओं का फायदा शहरवासियों को मिलना है। इसके लिए अच्छे अधिकारियों की जरूरत है, यही हमने सीएम से भी कहा था। हमारी कोशिश यही रहती है कि नागरिकों को ज्यादा सुविधाएं मिलें और विकास कार्य समय पर हों।
प्रतिभा पाल का भी हुआ था महापौर से विवाद
निगम की नई आयुक्त प्रतिभा पाल का भी सतना में महापौर से विवाद हुआ था जो प्रदेशभर में चर्चा में रहा था। विवाद का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें महापौर ममता पांडे को आयुक्त को धमकाने का दावा किया गया था।