हत्या में बीड़ी के टुकड़े से आरोपियों की मौजूदगी साबित, चार को उम्रकैद
कानीपुरा में दो साल पहले हुई हत्या में कोर्ट ने बुधवार को प|ी और प्रेमी के अलावा दो सहयोगियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्याकांड में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। घटना स्थल से मिले बीड़ी के तीन टुकड़े, लव लेटर और काॅल डिटेल ठोस सबूत साबित हुए। आरोपियों और बीड़ी के टुकड़े के डीएनए टेस्ट से आरोपी की मौके पर मौजूदगी साबित हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजयसिंह ने उक्त बहुचर्चित हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए आरोपी पूजा पति लाखन, मुकेश कोलवाल निवासी एकतानगर, दीपक निर्मल न्य अशोकनगर और हेमंत रायकवार को सजा सुनाई।
ऐसे मिली आरोपियों को सजा
लाखन की लाश कानीपुरा में 25 मार्च 2016 को रामनारायण जाट के खेत में मिली थी। शुरुआत में इसे अंधा कत्ल माना जा रहा था। चिमनगंज मंडी पुलिस ने घटना स्थल से तीन बीड़ी के टुकड़े जब्त किए थे। मृतक के भाई ने भाभी पूजा पर प्रेमी मुकेश के साथ मिलकर लाखन की हत्या कराने की आशंका जताई थी। पुलिस को पूजा और मुकेश के लव लेटर भी दिए थे। इसी के बाद पुलिस ने सबसे पहले मुकेश और पूजा की काॅल डिटेल निकलवाई। दोनों काॅल डिटेल में घटना के पहले और बाद में संपर्क में पाए गए। यह स्पष्ट होते ही पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और खुलासा हो गया। मुकेश के साथी दीपक और हेमंत को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस के पास कोई गवाह नहीं था जिसने हत्या होते देखी हो या आरोपियों को पहचानता हो। कोर्ट में मामले को मजबूती से रखने के लिए घटना स्थल से जब्त बीड़ी पर मौजूद लार व आरोपियों का डीएनए कराया जो मैच हो गया। इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। उप संचालक लोक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि इस मामले में डीएनए रिपोर्ट महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई। शासन की और से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी सूरज बछेरिया ने की।