सफाई व्यवस्था को ठेके से मुक्त करने के लिए पत्र
उज्जैन | नगर पालिका निगम द्वारा 6 कंपनियां रतन, ग्लोबल, उजाला कंपनियां को सफाई व्यवस्था ठेके पर दी गई है। इससे सफाई कर्मचारियों को शोषण हो रहा है। कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा 4 से 5 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है, जबकि निगम ठेकेदारों को 9300 रुपए प्रति सफाई कर्मचारी के हिसाब से हर माह भुगतान करती है। संस्था मध्य भारत प्रांतीय सफाई मजदूर संगठन ठेका प्रथा का विरोध करती है। संस्था द्वारा कलेक्टर, निगम आयुक्त व महापौर को पत्र लिखकर अवगत कराया गया। अगर ठेका प्रथा समाप्त नहीं की तो संस्था के कर्मचारियों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देगी और इसका विरोध करेगी।
बोराना सदस्य: जिला चिकित्सालय की रोगी कल्याण समिति में कलेक्टर मनीषसिंह ने राजेश बोराना को सदस्य मनोनीत किया है।