चिंतामण जवासिया में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। यहां पाइप लाइन डाली है लेकिन कनेक्शन नहीं दिया। क्षेत्र में दो टंकियां हैं लेकिन उनमें पानी नहीं है। ऐसे में परेशान लोगों को काम-धंधे छोड़कर दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
भगवान चौकसे के अनुसार चिंतामण जवासिया चौराहे पर पानी की टंकी है लेकिन इसमें पानी नहीं है। इसी तरह चिंतामण महाकाल प्रसादी भंडार के प्रांगण में 2014 में 2 करोड़ की लागत से बनाई टंकी भी सूखी है। पीएचई, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। लोगों के साथ मवेशियों को भी पानी नहीं मिल रहा है। हैंडपंप भी बंद हैं। कुएं-बावड़ी सूखे हैं। लोगों की मांग है पाइप लाइन को टंकी से जोड़कर रोज पीने का पानी उपलब्ध कराएं।