शिक्षक प्रशिक्षणार्थी को चहुंमुखी ज्ञान होना चाहिए
उज्जैन | समाज के निर्माण की जिम्मेदारी भी शिक्षक की है। इसलिए शिक्षक प्रशिक्षणार्थी को चहुंमुखी ज्ञान होना चाहिए। यह बात विक्रम विश्वविद्यालय के अर्थविज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. केएन सिंह ने सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय मं शोध प्रकोष्ठ अंतर्गत वर्षभर चलने वाली शोध गतिविधियों के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही। विशिष्ट अतिथि डॉ. हरीश व्यास थे। अतिथि परिचय डॉ. स्मिता भवालकर ने दिया। स्वागत वरिष्ठ प्राध्यापक लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने किया। सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंध समिति सचिव भरत व्यास, समिति अध्यक्ष कैलाशनारायण शर्मा ने भी संबोधित किया। डॉ. बिलकिस बादशाह, डॉ. पवित्रा शाह, डॉ. पंकजा सोनवलकर, डॉ. रश्मि पंड्या, नलिनी खोत, राधा श्रीवास्तव, स्वाति शर्मा, देवेश श्रीवास्तव उपस्थित थे।