नगर निगम ने कार्तिक मेला मैदान में पशु हाट लगाने का दिन बुधवार सेे बदलकर रविवार कर दिया है। पशुधन विक्रेता इसके विरोध में सामने आए हैं। रविवार को कार्तिक मेला परिसर में एकत्र हुए व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ आक्रोश जताया। चेतावनी दी कि इसे बदला नहीं गया तो आंदोलन करेंगे।
नगर निगम परिषद के 28 मार्च को हुए सम्मेलन में कार्तिक मेला परिसर में रविवार को पशुधन क्रय विक्रय पर मुहर लगा दी है लेकिन रविवार को हाट में आए निगम के अफसरों-कर्मचारियों को खाली बैठना पड़ा। बुधवारिया हाट को बदलकर इतवारिया हाट के रूप में करने को लेकर सारे क्रेता-विक्रेता एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि हाट बुधवार को ही लगाया जाना चाहिए। निगम अफसर रविवार को पशुधन क्रय विक्रय के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके विरोध में हमने आज व्यवसाय बंद रखा है।
इसलिए कर रहे विराेध
सोमवार को घोंसला में पशुधन क्रय-विक्रय का बाजार लगता है। दो दिन बाद बुधवार को कार्तिक मेला परिसर में ऐसा हाट बाजार लगता था, जो सुविधाजनक था। अब रविवारिया हाट बाजार में हम क्रय विक्रय नहीं कर पाएंगे। विक्रेताओं ने कहा-हम इस ठहराव प्रस्ताव की निंदा करते हैं। पशुधन क्रेता विक्रेता उन्हेल के नागूबा, फ्रीगंज के रितेश, रमेश खटीक, केडीगेट के अनिल, मुकेश, महेश, बंसी खटीक, नियाजभाई, हाजी जफर भाई, जीवन दादा, अज्जू भाई, मजीद भाई, खालिक भाई, मल्ला भाई, अजीज भाई, रातड़िया के कुंवरजी चौधरी, ताजपुर के सलमान, इसाक भाई, लोहे के पूल के हाजी आरिफ, मक्सी रोड के हनीफ कुरैशी, राजु खटीक, भेरूनाला के नौशाद कुरैशी, फ्रीगंज के गब्बर भाई, पंचमपुरा के रफीक भाई ने कार्तिक मेला परिसर में एकत्र होकर नगरनिगम के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे बदला नहीं गया तो आंदोलन करेंगे।