बंधनों से मुक्ति भगवान की कृपा से ही मिलती है - पं. शर्मा
उज्जैन | सातों दिन सद््कार्यों में लगने रहना चाहिए। बंधनों से मुक्ति भगवान की कृपा से ही मिलती है और यह कृपा सभी के लिए सुलभ भी है क्योंकि जन्म के साथ ही प्राणों की अनेक युक्ति भगवान ने बनाई हैं। सातों दिन चौबीस घंटे सजग-सतर्क रहते हुए काम करना चाहिए, यही सबसे सरल युक्ति है। यह बात पं. विनोद शर्मा ने गायत्री शक्तिपीठ परिसर में चल रही भागवत कथा में श्रीकृष्ण प्राकट्य अवसर की कथा सुनाते हुए कही। श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर शोभायात्रा और जन्म की सुंदर झांकी भी बनाई गई। कथा के मुख्य यजमान उमा-चांदमल गुप्ता हैं। पुरुषोत्तम मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्मलाभ ले रहे हैं।