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जिले का पहला सरकारी स्कूल, जहां स्वैप मशीन से फीस जमा

3 वर्ष पहले
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शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर प्रबंधन ने ई-ट्रांजेक्शन की एक नई पहल की है। जिसके माध्यम से विद्यार्थी आैर उनके पालक अब स्वैप मशीन से कार्ड के जरिए फीस की राशि जमा कर सकते हैं। स्वैप मशीन लगाकर फीस जमा करवाने वाला यह जिले का पहला सरकारी स्कूल बन गया है। दो महीने के भीतर अब तक 400 से अधिक विद्यार्थी स्वैप मशीन के जरिए फीस जमा करवा चुके हैं। ई-ट्रांजेक्शन को अपनाने हुए स्कूल प्रबंधन ने यह पहल की है। प्राचार्य भरत व्यास ने बताया फीस की राशि को बैंक में जमा करवाया जाता है। बैंक का खाता होने के कारण स्वैप मशीन लगवाने का विचार आया आैर बैंक से स्वैप मशीन के लिए आग्रह किया गया। जिस पर बैंक ने जल्द ही एक स्वैप मशीन उपलब्ध करवा दी। स्वैप मशीन लगाने के बाद स्कूल में विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी गई। ताकि वह अपने पालकों को भी इस बारे में सूचित कर सकें। इसका फायदा यह हुआ कि मात्र दो महीने में ही अधिकांश विद्यार्थियों आैर उनके पालकों ने स्वैप मशीन के जरिए ही फीस जमा करवाने में रूचि दिखाई। 23 मार्च से प्रवेश व शुल्क जमा करने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्वैप मशीन को फीस काउंटर पर रखवा दिया गया। लगभग दो महीने के भीतर 400 से ज्यादा विद्यार्थी स्वैप मशीन से फीस जमा करवा चुके हैं। फिलहाल विद्यार्थियों को स्वैप मशीन के अलावा नकद राशि से भी फीस जमा करवाने की व्यवस्था रखी गई है।

ई-ट्रांजेक्शन

शा. उत्कृष्ट उमावि माधवनगर में नगद की जगह कार्ड से कर रहे फीस का भुगतान, 400 विद्यार्थियों ने लिया लाभ

स्वैप मशीन से फीस जमा करने के यह फायदे

कई बार विद्यार्थी फीस की राशि में से कुछ राशि खर्च या देरी से फीस जमा करते हैं। कार्ड से भुगतान होने पर इसकी सीधी जानकारी पालक तक पहुंच जाती है कि उनके कार्ड से कब आैर कितनी राशि जमा हुई।

अधिकांश विद्यार्थियों को पालक फीस की राशि जमा करने के लिए दे देते हैं। विद्यार्थियों के पास राशि होने पर पालकों को भय बना रहता है। स्वैप मशीन से भुगतान के कारण पालकों को इन आशंकाओं से मुक्ति मिलती है।

फीस की रसीद गुम होने पर भी ई-ट्रांजेक्शन के कारण पालक अथवा विद्यार्थी के पास रिकॉर्ड बना रहता है। जिससे कोई भी स्कूल प्रबंधन फीस की जमा हुई राशि में हेरफेर नहीं कर सकता।

स्वैप मशीन से भुगतान में कलेक्शन की राशि में हेरफेर की संभावनाएं शून्य हो जाती हैं।

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