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फर्जी आदेश से कर्मचारियों की पोस्टिंग का मामला पुलिस ने पूछा- किस माध्यम से और कब आया था आदेश

3 वर्ष पहले
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परिवार कल्याण विभाग के नाम से फर्जी आदेश जारी कर हुई पोस्टिंग के मामले में कोतवाली पुलिस तह तक जाने में लगी है। पुलिस ने सीएमएचओ कार्यालय को पत्र जारी कर पूछा आदेश की आमद कब हुई।

कोतवाली थाने के एसआई एसआर किरार ने बताया परिवार कल्याण विभाग के नाम से सीएमएचओ कार्यालय में एक आदेश पहुंचा था, जिसमें राजेश मांझी को इंगोरिया से ताजपुर व मनीष शर्मा को ताजपुर से इंगोरिया पदस्थ किया था। सीएमएचओ कार्यालय ने आदेश का पालन करते हुए दोनों की पदस्थापना करते हुए इसकी एक प्रति परिवार कल्याण विभाग को भेजी थी। इसे लेकर परिवार कल्याण विभाग ने आश्चर्य जताया क्योंकि उनके यहां से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय को पत्र जारी कर कहा विभाग ने आदेश जारी नहीं किया है। जांच कर एफआईआर दर्ज करवाएं। उसके बाद संयुक्त संचालक ने फर्जी पोस्टिंग आदेश की जांच की, जिसमें राजेश मांझी व अन्य की संलिप्तता पाई थी। इनके खिलाफ तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. प्रदीप व्यास ने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। एसआई किरार ने बताया आरोपी मांझी फरार है। पुलिस ने आरोपी की जानकारी विभाग से जुटाई तो पता चला कर्मचारी ने नौकरी भी छोड़ दी है। सीएमएचओ कार्यालय को पुलिस ने पत्र लिखकर आदेश दिए कि आमद कब हुई और कर्मचारियों की नवीन पदस्थापना कब की थी। जांच अधिकारी ने पूर्व सीएमएचओ डॉ. एनके त्रिवेदी को भी बयान के लिए बुलाया था। जब आदेश सीएमएचओ कार्यालय में आया था, उस समय डॉ.त्रिवेदी सीएमएचओ के पद पर नहीं थे।

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