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आयुष डॉक्टर ने टीबी का इलाज किया तो होगी एफआईआर

3 वर्ष पहले
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सीएमएचओ बोले- रजिस्ट्रेशन भी रद्द होगा

भास्कर संवाददाता | उज्जैन

अब आयुष डॉक्टर टीबी के मरीजों का इलाज नहीं कर सकेंगे। यदि वे मरीजों को इलाज करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी तथा उनका रजिस्ट्रेशन भी रद्द होगा। इसके लिए सीएमएचओ डॉ.राजू निदारिया ने जिला आयुष अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें उल्लेख है कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष चिकित्सक क्षय राेगियों का उपचार करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। ऐसी स्थिति में आयुष चिकित्सक के पास आने वाले किसी भी मरीज को यदि एक सप्ताह से अधिक खांसी या क्षय रोग के लक्षण पाए जाते हैं तो वे उन्हें डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर पर भेजकर खकार की जांच एवं उपचार करने की सलाह दी जाए। सीएमएचओ डॉ.निदारिया ने स्पष्ट किया यदि किसी आयुष चिकित्सक द्वारा किसी भी क्षय रोगी का उपचार, क्षय निरोधक औषधि दी जाती है तो उसके खिलाफ भादंसं 1860 की धारा 269 व 270 के उपबंधों के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। उनका रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जाएगा। यह आदेश सभी आयुष अधिकारियों को जारी करने के लिये जिला आयुष अधिकारी को आदेश दिए हैं।

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