मानसिंह पिता रामजीत सिंह, रीवा ग्राम चंद्रपुर हा.मु. इंदौर।
पेंशन पोर्टल हैक मामला... प्रदेश के 26 जिलों की 86 जनपदों में 611 बुजुर्गों के बैंक खाता नंबर बदलकर ऑनलाइन पेंशन हड़पने वाले रीवा के तीन आरोपियों को भोपाल साइबर सेल ने पकड़ा
मानसिंह पिता रामजीत सिंह, रीवा ग्राम चंद्रपुर हा.मु. इंदौर।
भूमिका- आईपी से खाता नंबर में हेराफेरी कर हितग्राही बदलता था।
अशोक पिता शिव प्रसाद मांझी, रीवा ग्राम चंद्रपुर।
भूमिका- झोलाछाप डॉक्टर, खाते व एटीएम उपलब्ध करवाता था।
कुलदीप पिता विमल सिंह, रीवा की त्योथर तह. का मनका।
भूमिका- आईपी से एकाउंट नंबर बदलता था और हेराफेरी करता था।
फरार- अमित केसरवानी, रीवा की त्योथर तहसील का चंद्रपुर।
भूमिका- टेक्नीकल जानकार। जनपद में थाना डाटा फीडिंग।
उज्जैन माधवनगर व सायबर पुलिस भी रिमांड पर लाएगी
भास्कर संवाददाता | उज्जैन
उज्जैन सहित प्रदेश के 26 जिलों की 86 जनपद पंचायतों के 611 बुजुर्गों के खातों को बदलकर पेंशन की ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन आरोपियों को सायबर सेल भोपाल ने रीवा से गिरफ्तार कर लिया है। एक फरार है। पकड़ाए आरोपी एक साल पहले शौचालय घोटाला भी कर चुके हैं। जमानत पर रिहा होते ही इन्होंने समग्र पेंशन पोर्टल को हैक करके पेंशन घाेटाले को अंजाम दिया। इस गड़बड़ी को सबसे पहले भास्कर ने 23-24 मार्च को उजागर किया था। तब पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव के निर्देश पर मंत्रालय के उप संचालक मनोज बाथम ने भोपाल में प्रकरण दर्ज करवाया था। इधर उज्जैन के माधवनगर, खाचरौद, सायबर सेल में भी मामले दर्ज होने से अब यहां की पुलिस भी आरोपियों को ला सकती है।
सबसे पहले भास्कर में
ऐसे करते ऑनलाइन ठगी
फर्जी पते की सिम लेते। बैंक में खाता खुलवा फर्जी मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करवाते। समग्र पेंशन पोर्टल में आईडी तथा पासवर्ड से प्रवेश कर हितग्राहियों के खाते बदलते। ऐसे में पेंशन की जो राशि हितग्राहियों को जारी करती थी वह इनके फर्जी खातों में जा रही थी। सबसे पहले उज्जैन जनपद के तीन और खाचरौद-तराना जनपद सहित ऐसे 11 खाता नंबरों में हेराफेरी पकड़ में आई थी। भास्कर ने 24 मार्च की खबर में 28 जिलों की सूची प्रकाशित कर यह तक स्पष्ट कर दिया था कि उज्जैन ही नहीं इन जिलों में भी ये गड़गड़ी हो रही हैं।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
सभी जिलों के हितग्राहियों के बैंक खाते व कोड के स्थान पर पोर्टल पर रीवा की बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते व कोड दर्ज थे। वहां के हितग्राहियों की सूची से जांच शुरू की तो पाया कि 2103 खाते वहां संधारित है। इनमें से 12 खाते 720 रिकॉर्ड में दर्ज पाए जाने से अनियमितता की पुष्टि हुई। यूजर आईडी/पासवर्ड का गलत उपयोग कर पात्र हितग्राही को पेंशन का भुगतान नहीं हुआ और एक ही खाते में बार-बार राशि जमा होती रही। मार्च 17 में इन आरोपियों ने ऐसे ही शौचालय के हितग्राहियों की राशि की भी ऑनलाइन ठगी की थी।
इंदौर व रीवा के हैं आरोपी
तीनों 16 तक रिमांड पर
पेंशन की ऑनलाइन ठगी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक फरार है। तीनों 16 तक रिमांड पर हैं। इतनी सुरक्षा में पासवर्ड चोरी होना बड़े गिरोह का संकेत हैं। फिलहाल 12 खातों के माध्यम से साढ़े तीन लाख तक की ठगी कर पाए थे। मनीष राय, टीआई, सायबर सेल, भोपाल
मामले में उज्जैन जनपद सीईओ जैन ने हमारे यहां प्रकरण दर्ज करवा रखा है। विवेचना की जरूरत के आधार पर आरोपियों को लाएंगे। उनसे पूछताछ करेंगे। गगन बादल, टीआई, माधवनगर थाना, उज्जैन