जिनके अवैध निर्माण उन गुंडों के सूची में नाम नहीं
उज्जैन | पुलिस ने जिन गुंडों की सूची नगर निगम को दी है, उनमें ऐसे गुंडे शामिल हैं जो या तो अपराध छोड़ चुके हैं या झोपड़पट्टी में रहते हैं। उनके पक्के अवैध निर्माण नहीं है। जबकि ऐसे गुंडों के नाम अब तक शामिल नहीं किए गए हैं जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है और आसपास के रहवासियों को प्रताड़ित करते हैं। इनमें अभिलाषा कॉलोनी देवासरोड के पास सरकारी जमीन पर सालों से कब्जा कर रह रहे मानसिंह का नाम भी शामिल है। अभिलाषा के रहवासी एके रावत के अनुसार मानसिंह के कारण कॉलोनीवासी हमेशा दहशत में रहते हैं लेकिन प्रशासन कई आवेदनों के बाद भी उसे सरकारी जमीन से बेदखल नहीं कर रहा। इधर नागझिरी थाना प्रभारी अमित कुमार के अनुसार मानसिंह को जनवरी में जिलाबदर किया गया था लेकिन पेरालिसिस हो जाने से उसका प्रकरण रद्द किया है। थाने से अभी गुंडों के अवैध निर्माण को लेकर सूची नहीं बनी है। इधर निगम को जिन 10 गुंडों की सूची माधवनगर और देवासगेट थाने की मिली थी, उनकी जांच निगम ने कर ली है। निगम अधिकारियों का कहना है कि इनमें से छह हीरामिल और बिनोद मिल की चाल में मिल की खोलियों में रहते हैं। इनके अवैध निर्माण नहीं मिले। दमदमा के बदमाश का किराए का मकान है। इसी तरह महानंदा क्षेत्र के गुंडे का भी अवैध निर्माण नहीं मिला है।