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शिप्रा स्नान किया, अब अष्टतीर्थ यात्रा कर घर रवाना होंगे

3 वर्ष पहले
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हजारों यात्रियों के जत्थे के साथ रविवार को पंचक्रोशी यात्रा का शहर में आगमन हुआ। शिव रथ के साथ यात्री शहर पहुंचे तो रास्ते पंचक्रोशी यात्रियों से पट गए। रास्तों पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। शिप्रा तट पहुंचने पर यात्रियों ने स्नान व पूजन-अर्चन कर अष्ट तीर्थ यात्रा की शुरुआत की। अब सोमवार को सोमवती अमावस्या के स्नान के साथ यात्रा का आैपचारिक समापन होगा।

दोपहर करीब 12 बजे उंडासा से होते हुए यात्रियों का जत्था शिव रथ के साथ कोयला फाटक से शहर में दाखिल हुआ। शिव रथ के अलावा बैंड-बाजे के साथ यात्री भक्ति रस में नाचते-गाते भजन मंडलियों के साथ शहर पहुंचे। कोयला फाटक से आगर रोड, देवासगेट, मालीपुरा, कंठाल, गोपाल मंदिर, कार्तिक चौक होते हुए दोपहर 3 बजे यात्रा शिप्रा तट पहुंची। रास्तों पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा की आैर शरबत व खिचड़ी वितरित की। शिप्रा तट पर स्नान के बाद यात्री अष्ट तीर्थ यात्रा पर निकले। अधिकांश यात्रियों द्वारा दो दिन पहले ही यात्रा पर निकलने से उनकी यात्रा पहले ही समाप्त हो चुकी है। जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ बीएस मंडलोई ने बताया रविवार को करीब 8 हजार यात्रियों का आखिरी जत्था भी शहर आ चुका है। इसी के साथ यात्रा का समापन भी हो गया है।

दोपहर 1:30 बजे जब यात्रा गोपाल मंदिर पहुंची तो रास्ता यात्रियों से पट गया। वृद्ध महिलाएं भी लोगों का अभिवादन करते चल रही थी।

महाकाल में बैरिकेड्स से दर्शन

पंचक्रोशी यात्रियों ने रविवार को महाकाल मंदिर पहुंच कर दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। दोपहर बाद भीड़ का दबाव बढ़ गया। हालांकि मंदिर प्रशासन ने पहले से ही गर्भगृह आैर नंदी हॉल में प्रवेश प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी कर दिए थे। यात्रियों ने नंदी हॉल के पीछे बैरिकेड्स से दर्शन किए। देर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सोमवार को भी सोमवती अमावस्या स्नान होने के कारण बैरिकेड्स से ही दर्शन की व्यवस्था रहेगी। इधर मंगलनाथ मंदिर में भी सोमवती अमावस्या को देखते हुए सोमवार को भातपूजा नहीं होगी।

‌फव्वारों में होगा सोमवती का स्नान

शिप्रा के प्रमुख घाटों पर सोमवार को सोमवती अमावस्या का स्नान होगा। सोम तीर्थ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए यहां पहुंचेंगे। कुंड में पानी की कमी आैर सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए यहां फव्वारों में स्नान की व्यवस्था की है। रविवार को ही यहां फव्वारे लगाने का काम पूरा कर लिया गया। वहीं नदी में भी पानी बढ़ाया गया है। रात 12 बजे से ही कुछ पंचक्रोशी यात्रियों ने स्नान करना शुरू कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर सोमवती अमावस्या को देखते हुए घाटों पर तैराकों को तैनात किया जाएगा।

यात्रियों ने शिप्रा में स्नान किया। घाटों पर दिनभर भीड़ लगी रही।

यात्री जब मालीपुरा से निकले तो माली समाज ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

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