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विदेशी ताकतें फैला रही नफरत, साजिशों को पहचानें देशवासी

3 वर्ष पहले
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देश में आज सामाजिक समरसता को तोड़ने की साजिश चल रही है। यह विषय संवेदनशील है आैर सामाजिक परिवेश में इस पर चर्चा होना चाहिए। विदेशी ताकतें हमारी देश की सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। 2 अप्रैल को हुई घटना नेतृत्व विहीन घटना है। मैं दावे से कहता हूं कि भगवान की फोटो के साथ कोई भी दलित छेड़छाड़ नहीं कर सकते। इसमें विदेशी ताकतों का हाथ है। देशवासी सामाजिक समरसता को तोड़ने वाली ऐसी विदेशी ताकतों की साजिशों को पहचानें आैर समाज को तोड़ने वाली ताकतों को बेनकाब करें। विक्रम कीर्ति मंदिर में रविवार रात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने यह बात कही। वसुधैव कुटुम्बकम सामाजिक संस्था की ओर से देश की एकता का आधार सामाजिक समरसता विषय पर रविवार रात यहां व्याख्यान रखा गया था। मुख्य वक्ता के रूप में एक घंटे देरी से पहुंचे विजयवर्गीय ने कहा मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विदेशी धन पर रोक लगने के बाद अब विदेशी ताकतें सामाजिक रूप से हमें भड़काने का काम कर रही है। इन्हीं लोगों ने साजिश करके सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी लोगों के सामने गलत तरह से प्रस्तुत किया गया।

विक्रम कीर्ति मंदिर में देश की एकता का आधार सामाजिक समरसता विषय पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा

व्याख्यान को संबोधित करते विजयवर्गीय एवं उपस्थित श्रोतागण।

सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है रामराज्य

विजयवर्गीय ने अपने संबोधन के दौरान रामचरित मानस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा रामचरित मानस सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है। भगवान श्रीराम ने केवट को गले लगाया, शबरी के झूठे बैर खाए। इसलिए उस दौर में रामराज्य स्थापित हुआ। रामराज्य सामाजिक समरसता का उदाहरण है लेकिन हमने इतिहास से नहीं सीखा।

बंगाल आैर यूपी में हुई राजनीति पर किए कटाक्ष

अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल आैर यूपी में हुई राजनीति के भी उदाहरण देते हुए कटाक्ष किए। उन्होंने कहाकि बंगाल में सीएम ने दुर्गा पूजन के दिन ही मोहर्रम आने के कारण शाम 4 बजे बाद विसर्जन नहीं करने का आदेश दिया। यह वोट बैंक की राजनीति है। बंगाल में बांग्लादेशियों का गरीबी का कार्ड आसानी से बना दिया जाता है, वहां सुरक्षा की चिंता नहीं रखी जाती। वहीं राम जन्म भूमि मामले का उल्लेख करते हुए विजयवर्गीय बोले कि राम जन्म भूमि मामले के बाद एसपी (समाजवादी पार्टी) आैर बीएसपी (बहुजन समाज पार्टी) मिले एवं उन्होंने सरकार बना ली। उन्होंने कहाकि कुछ ताकतें हैं जो सामाजिक समरसता को तोड़ने का काम कर रही है। यह मोदीजी को बदनाम करने की साजिश है।

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