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मारपीट में घायल जवान बोला- एनएसजी की ट्रेनिंग बेकार, अब नहीं भेजेंगे किसी मिशन पर
13 दिन की छुट्टी पर परिवार से मिलने आए लांस नायक दिनेश जालवाल शहर में गुंडागर्दी का शिकार हो गए। वे 24 मार्च को नाना ससुर को चेरिटेबल अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए थे। यहां बाहर गन्ने की दुकान चलाने वाले हनी भावसार से बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ। हनी ने भाई सनी और दिलीप भावसार सहित अन्य युवकों के साथ मिलकर दिनेश पर जानलेवा हमला कर दिया। लोहे की रॉड से सिर पर गंभीर चोट आई और दाहिने हाथ की अनामिका ऊंगली में फ्रेक्चर हो गया। घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सिर में चार टांके लगाए हैं। वे रिपोर्ट लिखाने पुलिस थाने पहुंचे तो हनी के साथ कुछ नेताओं सहित सैकड़ों लाेग जमा हो गए और पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आरोपियों के खिलाफ मारपीट की साधारण धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया। दाहिने हाथ की अनामिका में फ्रेक्चर के उपचार के लिए वे पहले इंदौर मिलिट्री अस्पताल पहुंचे। यहां से उन्हें लखनऊ रैफर कर दिया। जालवाल का कहना है पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आरोपियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं की। सिर में गंभीर चोट लगी है यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो मौत हो सकती थी। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।
लांस नायक जालवाल की जुबानी
इंज्यूरी की वजह से प्रमोशन नहीं होगा, सेवाकाल नहीं बढ़वा सकूंगा
16 मार्च 2005 को आर्मी में भर्ती हुई थी। सर्विस और पदोन्नति के आधार पर वर्तमान में पालनपुर में लांस नायक के पद पर हूं। 13 दिन की छुट्टी पूरी कर एयर सपोर्ट सिग्नल्स यूनिट से 39 माउंटेन डिविजन सिग्नल रेजिमेंट में पोस्टिंग पर जाना था लेकिन इस मारपीट में अनामिका ऊंगली में फ्रेक्चर हो गया। इलाज के लिए इंदौर मिलिट्री अस्पताल से लखनऊ भेजा गया लेकिन डॉक्टर ने कहा है कि अब अनामिका पूरी नहीं मुड़ेगी। इसके कारण मेरी एनएसजी कमांडो ट्रेनिंग बेकार हो गई है। आगे का कॅरियर भी लगभग समाप्त हो चुका है। अब नौकरी तो रहेगी लेकिन प्रमोशन नहीं मिलेगा। सर्विस पूरी होने के बाद सेवाकाल बढ़वा नहीं सकूंगा। सर्विस पूरी करने के बाद देश की किसी भी सिक्योरिटी सर्विस में सेवा करने के लिए मेडिकल में क्वालीफाई नहीं हो सकेगा। किसी देश के लिए युद्ध का हिस्सा बनना भी अब मुश्किल है क्योंकि युद्ध में जाने से पहले जो मेडिकल चैकअप होता है, उसमें इस तरह की इंज्यूरी नहीं होना चाहिए। लगभग मेरा कॅरियर इस शहर की गुंडागर्दी ने समाप्त कर दिया है। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर साधारण मारपीट का केस दर्ज किया है, जबकि सिर में गंभीर चोट आने पर धारा 307 के तहत केस दर्ज होना चाहिए। यहां पुलिस राजनीतिक दबाव में काम करती है। आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक रामसिंह जादौन ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह, डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला, एडीजी वी मधुकुमार एवं एसपी सचिन अतुलकर को पत्र लिखकर जांच और सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।