कृषि मंडी में शनिवार को चना खरीदी का जायजा लेनेे अतिरिक्त मुख्य सचिव वन केके सिंह आए। उन्होंने नरवरझाला के किसान ललित पाल झाला से चर्चा की। किसान ने कहा-चने बेचने के लिए 2-2 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। तौल कांटे बढ़ाएं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कलेक्टर मनीष सिंह और मंडी सचिव राजेश गोयल को 15 तौल कांटे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नीलामी से लेकर भंडारण और ई-बाजार व्यवस्था देखी। उनके साथ सहकारिता आयुक्त रेणु पंत भी थीं।
मंडी के नीलामी शेड में चने देखे और गोदाम में जाकर कहा-सुरक्षा कराएं
सिंह ने गोदाम में जाकर चने की बोरियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा-जितनी जल्दी हो सके गोदाम में रखे चने की सुरक्षा कराएं। चना नमी पाते ही खराब हो जाता है इसलिए ध्यान रखें कि कहीं से बारिश का पानी न लगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए कहा कहीं भी खुले में खाद्यान्न नहीं रखें। मंडी अध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडला और उपाध्यक्ष शेरू पटेल से भी चर्चा की। अध्यक्ष ने बताया वर्तमान में समर्थन मूल्य पर 200 से 400 टन चने की प्रतिदिन खरीदी हो रही है। मसूर की आवक कम है।
पौधारोपण के लिए लाएं जनजागरूकता
सिंह ने मंडी में निरीक्षण के पहले वन विभाग की लोक वानिकी योजना के तहत शिप्रा विहार के पास नर्सरी का अवलोकन भी किया। उन्होंने डीएफओ पीएन मिश्रा से कहा-फलदार और सजावटी पौधे लगाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाएं। इस दौरान सीसीएफ बीएस अन्नागिरी, एसडीओ जीएस सिसौदिया, रेंजर जीपी मिश्रा मौजूद थे।