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पहली बार कलेक्टर की ऐसी चेतावनी

3 वर्ष पहले
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तिलकेश्वर मार्ग 2100 5000

कस्तुरी बाग 3700 6500

अंकपात मार्ग 11500 13000

निकास चौराहा 6500 15000

जयसिंहपुरा 8500 9500

उदयन मार्ग 15000 20000

वल्लभनगर 15000 20000

एमआर-4 12500 15000

एमआर-5 12500 15000

तिरूपति गोल्ड 3400 6500

आगर रोड 22500 45000

जिला मूल्यांकन समिति के प्रस्ताव लौटाए, अब सोमवार को फिर होगी बैठक

भास्कर संवाददाता | उज्जैन

शनिवार को बृहस्पति भवन में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। कलेक्टर मनीष सिंह ने जिला पंजीयक कार्यालय द्वारा प्रस्तावित शहर और आसपास लगी 29 कॉलोनी/क्षेत्रों की गाइड लाइन में बढ़ोत्तरी की दरों का प्रारूप देखा तो हैरत में पड़ गए। क्योंकि तिलकेश्वर मार्ग रिंग रोड की रहवासी क्षेत्र की प्रति वर्ग मीटर की दर 2100 से 5000 रुपए और अंकपात मार्ग की 11500 से 13000 रुपए प्रस्तावित की गई थी। ऐसे में कलेक्टर ने जिला पंजीयक मंजूलता पटेल से प्रस्तावित बढ़ोतरी का कारण और आधार पूछा। पटेल बोलीं- ये वे कॉलोनी व क्षेत्र हैं, जिनके आसपास की कॉलोनी व क्षेत्रों की कीमत अधिक है, लिहाजा अंतर को पाटने व युक्तियुक्त के लिए बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है। यह सुन कलेक्टर ने कहा आपका तर्क आधारहीन है, क्योंकि जिन्हें आधार बनाया है कि उन क्षेत्रों की दरें व ताजा स्थिति के पत्रक ही साथ नहीं हैं। कलेक्टर सिंह ने प्रस्ताव को स्वीकारने से इनकार कर दिया। बोले- दोबारा से सेामवार तक तर्कसंगत पीपीटी तैयार करके लाओ। ये निर्देश भी दिए कि जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों, निकायों व पंचायत क्षेत्रों में गाइड लाइन में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार नहीं करें। संभवत: जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में गाइड लाइन में वृद्धि नहीं किए जाने के निर्देश इस तरह पहली बार दिए हैं। कलेक्टर बोले- यदि आपको लगता है कि संबंधित क्षेत्र की गाइड लाइन में वृद्धि करना है तो एक कालम में उनके कारण/आधार लिखकर भी लाएं। कलेक्टर ने पटेल व सहयोगी उप पंजीयक को चेतावनी दी कि यदि मुझे मालूम पड़ गया कि आपने किसी कॉलोनाइजर और व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने के चक्कर में गाइड लाइन बढ़ाने के लिए दरें प्रस्तावित कर दी हैं तो सब को उल्टा टांग दूंगा।

गाइड लाइन में कहीं भी न बढ़ाएं जमीन के भाव, बढ़ाना है तो कारण लिखकर लाओ, किसी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की तो उल्टा टांग दूंगा

बैठक में एक भी विधायक नहीं

बैठक में कोई भी विधायक नहीं पहुंचे। जनप्रतिनिधि के तौर पर केवल जिपं अध्यक्ष महेश परमार थे। उन्होंने कहा जनता से रजिस्ट्री के वक्त गाइड लाइन की स्लैब के अनुसार चालान वसूला जाता है लेकिन जब वहीं जमीन किसी शासकीय योजना के लिए अधिगृहीत की जाती है तो उसे मुआवजा उस स्लैब के आधार पर नहीं दिया जाता है। इसके लिए उन्होंने कानीपुरा रोड का उदाहरण भी दिया। यह सुनकर कलेक्टर बोले परमार सहीं बोल रहे हैं। उन्होंने पटेल व यूडीए के सहित अन्य अधिकारियों सेे कहा कि वे इनकी बात पर गौर करें और भूमि अधिग्रहण व मुआवजा प्रकरणों में इस विसंगति को दूर करें।

समिति में प्रस्तावित

की गई दर(प्रति वर्ग मीटर में)

इधर क्षेत्रों में

ये प्रस्तावित

आवासीय

क्षेत्र प्रतिशत

इंदौर रोड 20%

आगर रोड 15%

देवास रोड 20%

कृषि

इंदौर रोड 7%

आगर रोड 10%

देवास रोड 10%

व्यावसायिक

इंदौर रोड 25%

आगर रोड 25%

देवास रोड 30%

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