उज्जैन | स्वरांगिनी जन विकास समिति इंदौर की ओर से आयोजित तीन दिनी कबीर विचार यात्रा: वह आज भी जागता है... की शनिवार को उज्जैन से शुरुआत हो गई। शनिवार रात कालिदास अकादमी के संकुल हॉल में कलाकारों ने कबीर के दोहों के साथ कबीर गायन किया। साहित्यकार डॉ. शिव चौरसिया, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व विधायक रोडूमल राठौर ने दीप-प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उदिता यादव ने कबीर भजन गुरु समान दाता नहीं... सुनाकर गायन की शुरुआत की। उनके साथ संगत कार्तिक साहू व महेश यादव ने की। कार्यक्रम में सुंदरलाल मालवीय ने गुरु भजलो हो तम भाया..., जाग रे जाग थाने सायब जगाड़े..., सतगुरु हे रंगरेज चुनर मौरी... सुनाया। संगत कबीर, रागिनी, जयती मधुमालवी ने की। वहीं अंजना सक्सेना ने साधो देखो जग बोराना..., माया महाठगनी..., चदरिया झिणी... सुनाया। संगत महेश यादव एवं दिनेश सुनवानी ने की। मोहनलाल राठौड़ ने कर लेना खरी कमाई... आैर भरोसा आपसे चाले सतगुरु म्हारे साथ... सुनाया। वहीं डॉ. दशरथ यादव ने कई कारण आयो जगत में... आैर अनघड़िया देवा कौन करेगा थारी सेवा... सुनाया। समिति के दिनेश यादव एवं महेश यादव सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। यात्रा अब रविवार को अपने अगले पड़ाव पर सीहोर के कजलास आष्टा पहुंचेगी। वहीं 21 मई को इंदौर में यात्रा का समापन होगा।